बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) अगर आप गए होंगे, तो आपने गौर किया होगा कि यहां शंख नहीं बजाया जाता। वजह वैज्ञानिक, पौराणिक और धार्मिक हर तरह से जुड़ी हुई हैं। आप भी जानिए बद्रीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) में शंख न बजाने की क्या है वजह है।
हनुमानजी रामचन्द्र जी को उदास देख उनके पास आये तथा उदासी का कारण पूछा। तब श्रीरामजी ने पूरी बात उन्हें बताई।
सीता नवमी (Sita Navami) एक हिंदू त्योहार है जिसे सीता की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह वैशाख के हिंदू महीने के नौवें दिन (नवमी) को मनाया जाता है
सूर्यदेव (Surya Dev) अकेले एक ऐसे देवता जिनके साक्षात दर्शन हमें प्रतिदिन होते हैं। जिनके प्रताप से ही हम समय की खोज कर सके हैं। जिन्हें समस्त ग्रहों का राजा माना जाता है। जिन्हें आदित्य, भास्कर, मार्तण्ड आदि अनेक नामों से जाना जाता है।
22 अप्रैल 2023 को अक्षय तृतीया का पर्व है और इस तिथि पर भगवान विष्णु के सभी दस अवतारों में छठें अवतार माने गए भगवान परशुराम की जंयती भी मनाई जाएगी।
सीता माता का अम्मान मंदिर (Amman Temple) श्रीलंका (Sri Lanka)के न्युवार इलिया नामक पर्वत पर स्थित है। जिस तरह भगवान राम (Lord Rama) भारत के लोगों के लिए पूज्य हैं, उसी तरह उसी तरह माँ श्रीलंका में पूज्य है। खास बात ये है कि माँ सीता के मंदिर के अलावा यहाँ कई और मंदिर और लेकिन सिर्फ माँ सीता के मंदिर के आसपास बहुत अधिक वानर आज भी पहरा देते नजर आते हैं।
अगर विघ्न विनाशक मंगलमूर्ति गणेश (Ganesha) को कोई चोर कहे तो थोड़ा अचरज होगा। लेकिन बता दें कि भूतभावन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन (Ujjain) में उनके पुत्र श्रीगणेश का अद्भुत मंदिर है, जहां उनकी 'चोर गणेश' (Chor Ganesh) के नाम से पूजा होती है। उन्हें यहां 'चोर गणेश' ही कहा जाता है।
शिव पुराण (Shiv Puran) के अनुसार चन्द्रमा का विवाह दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से हुआ था। यह कन्याएं 27...
गंगा सप्तमी (Ganga Saptami) एक हिंदू त्योहार है जो वैशाख (अप्रैल-मई) के हिंदू महीने में चंद्रमा (शुक्ल पक्ष) के वैक्सिंग चरण के सातवें दिन (सप्तमी) मनाया जाता है। यह त्योहार गंगा नदी (गंगा) की पूजा के लिए समर्पित है, जिसे हिंदू धर्म में एक पवित्र नदी माना जाता है। इस वर्ष गंगा सप्तमी 27 अप्रैल को मनाई जाएगी।
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) की अनेक व्रत कथाएँ प्रचलित हैं। ऐसी ही एक कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक...
श्मशान में जब महर्षि दधीचि के मांसपिंड का दाह संस्कार हो रहा था तो उनकी पत्नी अपने पति का वियोग...
कहते हैं कि भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की 16,108 पत्नियां थीं। क्या यह सही है? इस संबंध में कई कथाएं प्रचलित हैं और लोगों में इसको लेकर जिज्ञासा भी है। आइए, जानते हैं कि कृष्ण की 16,108 पत्नियां होने के पीछे राज क्या है?












