श्मशान में जब महर्षि दधीचि के मांसपिंड का दाह संस्कार हो रहा था तो उनकी पत्नी अपने पति का वियोग...
कहते हैं कि भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की 16,108 पत्नियां थीं। क्या यह सही है? इस संबंध में कई कथाएं प्रचलित हैं और लोगों में इसको लेकर जिज्ञासा भी है। आइए, जानते हैं कि कृष्ण की 16,108 पत्नियां होने के पीछे राज क्या है?
हनुमानजी (Hanuman ji) रावण (Ravan) की स्वर्ण नगरी लंका को जला कर राख करके चले जाते हैं और रावण उनका कुछ नहीं कर सका। वह सोचते-सोचते परेशान हो जाता है कि आखिर उस हनुमान में इतनी शक्ति आई कहां से?
भगवान शिव (Lord Shiva) नटराज के रूप में संगीत कला के सर्जक व संरक्षक माने जाते हैं। डमरु (Damru) उनका विशेष वाद्ययंत्र है। 'डमरु' शब्द सुनते ही जो पहली तस्वीर आंखों के सामने आती है, वह है डमरु बजा कर नृत्य करते हुए भगवान शिव की।
शनि देव (Shani Dev) अच्छे कर्म करने वालों के लिए जितने कृपालु हैं, तो वहीं बुरे कर्म करने वालों के लिए उतने ही दंडाधिकारी हैं। रुष्ट हों तो शनि आर्थिक कष्ट देते हैं। जब शनि कुंडली के नीच भाव में हो तो धन हानि होती है।
कंस को मारने के बाद भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) कारागृह में गए और वहां से माता देवकी तथा पिता...
सीता माता का अम्मान मंदिर (Amman Temple) श्रीलंका (Sri Lanka)के न्युवार इलिया नामक पर्वत पर स्थित है। जिस तरह भगवान राम (Lord Rama) भारत के लोगों के लिए पूज्य हैं, उसी तरह उसी तरह माँ श्रीलंका में पूज्य है। खास बात ये है कि माँ सीता के मंदिर के अलावा यहाँ कई और मंदिर और लेकिन सिर्फ माँ सीता के मंदिर के आसपास बहुत अधिक वानर आज भी पहरा देते नजर आते हैं।
भगवान गणपति की विशाल मूर्ति की स्थापना के लिए पहले इस जमीन पर एक इंटरनेशनल पार्क बनाया गया है। इसे सिटी ऑफ गणेश (City of Ganesh) के नाम से पुकारा जाता है। इस मूर्ति के निर्माण में (2008-2012) पूरे चार साल का समय लगा।
हिंदू पौराणिक कथाओं में, भगवान राम (Lord Rama) को भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का अवतार माना जाता है और वे अपने विभिन्न कौशल और उपलब्धियों के लिए जाने जाते हैं।
शास्त्रों में सबसे ऊपर सूर्य देव का स्थान माना गया है। अगर सूर्य देव की पूजा की जाए तो कहा जाता है कि व्यक्ति के हर तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। सूर्य देव के कई नाम हैं। इन सभी नामों का महत्व अलग है।
महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक (Nasik) के वणी गांव में सप्तश्रृंगी मंदिर (Saptashringi Temple) स्थित है। मान्यतानुसार, महाराष्ट्र में देवी के साढ़े तीन शक्तिपीठ (Shaktipeeth) में से अर्धशक्तिपीठ (Ardhashaktipeeth) वाली सप्तश्रृंगी देवी नासिक से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर 4800 फुट ऊंचे सप्तश्रृंग पर्वत पर विराजित हैं।
कर्नाटक के चिकमगलूर जिले के कोप्पा में प्राचीन ‘कमंडल गणपति मंदिर’ (Kamandal Ganapati Temple) स्थित है। इस मंदिर में स्थापित गणेश प्रतिमा के ठीक सामने एक जल स्रोत का उद्गम स्थल है। ये उद्गम स्थल ब्राह्मी नदी का है।












