Chaitra Navratri 2022: सनातन धर्म शास्त्रों में ब्रह्मचर्य,गृहस्थ,वानप्रस्थ एव सन्यास ऐसे चार आश्रमों की व्यवस्था की कल्पना की गई है।इन...
अनमोल कुमार पाकिस्तान (Pakistan) के सबसे बड़े शहर कराची में करीब 17 लाख साल पुराना पंचमुखी हनुमान मंदिर (Panchmukhi Hanuman...
नई दिल्ली: 19 नवम्बर, 2021 (28 कार्तिक, शक संवत 1943) को आंशिक चंद्र ग्रहण घटित होगा । भारत में चंद्रोदय...
छोटे से लेकर बडों तक सभी को समीप के प्रतीत होनेवाले भगवान अर्थात ‘पवनपुत्र’! पवनपुत्र का अन्य सर्वपरिचित नाम है...
राम भक्त हनुमानजी (Hanumanji) की पूंछ में चमत्कारिक असर माना गया है। यही कारण है कि ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए भी उनकी पूंछ की पूजा की जाती है। हनुमान जी को देवी-देवताओं ने कई तरह की शक्तियों का वरदान दिया है। अष्टसिद्धि और नवनिधि के दाता की पूंछ में भी कम ताकत नहीं होती।
देशभर में हनुमान जी (Hanuman ji) के कई चमत्कारी मंदिर है। इन मंदिरों में कहीं बजरंगबली (Bajrangbali) लेटे हुए, कहीं बैठे हुए तो कहीं उनकी सबसे ऊंची प्रतिमा देखी होगी। लेकिन गुजरात के द्वारका में हनुमान जी का एक अनोखा ही मंदिर है। इस मंदिर में हनुमान जी अपने पुत्र मकरध्वज के साथ विराजमान हैं। जी हां आपको जानकर आश्चर्य जरुर हुआ होगा, क्योंकि हनुमान जी तो बालब्रह्मचारी थे। जानिए, इस मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बातें।
ॐ का जप करते समय 108 प्रकार की विशेष भेदक ध्वनि तरंगे उत्पन्न होती है, जो किसी भी प्रकार के शारीरिक व मानसिक घातक रोगों के कारण का समूल विनाश व शारीरिक व मानसिक विकास का मूल कारण है।
नई दिल्ली: 19 नवम्बर, 2021 (28 कार्तिक, शक संवत 1943) को आंशिक चंद्र ग्रहण घटित होगा । भारत में चंद्रोदय...
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इस मंदिर को गणपतिपुले मंदिर (Ganpatipule temple) के नाम से जाना जाता है और यह मंदिर रत्नागिरि जिले में स्थित है। मंदिर आश्चर्यजनक रूप से 400 साल पुराना है।
जन्म से 5 वर्ष तक किसी भी बालक की कुंडली में शनि का स्थान नहीं होगा। जिससे कोई और बालक मेरे जैसा अनाथ न हो।
चैती देवी मंदिर (Chaiti Devi mandir) उत्तराखंड (Uttarakhand) के उधम सिंह नगर जिले में काशीपुर (Kashipur) सिटी बस स्टैंड से 2.5 किमी दूर काशीपुर के कुंडेश्वरी रोड पर स्थित है। चैती देवी मंदिर को माता बालसुंदरी मंदिर (Mata Balasundari mandir) के नाम से भी जाना जाता है, कई भक्त यहां आध्यात्मिक आनंद में डूबने और पवित्र मंदिर के दर्शन करने आते हैं। मंदिर को ज्वाला देवी मंदिर (Jwala Devi Mandir) और उज्जैनी देवी (Ujjaini Devi) के नाम से भी जाना जाता है। यह काशीपुर के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है।




