पुण्य सलिला सरयू नदी के किनारे स्थापित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर इस बात का द्योतक भी है कि जिस स्थान पर...
एक पौराणिक कथा के अनुसार परशुराम (Parashuram) ने अपने गुरु महादेव शिव (Mahadev Shiv) से युद्ध किया था और उनके...
शंकर जी बोले-हे उमा, कालकारमुख नामक एक भयानक बलवान राक्षस हुआ। ग्यारह मुख वाले उस विकराल राक्षस ने बहुत काल...
पैगंबर मोहम्मद का जब जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना! इसलिए इस...
राजस्थान के बाराँ जिले की अंता तहसील में स्थित सोरसन गाँव में ब्रह्माणी माता का मंदिर विश्व का एकमात्र मंदिर है, जहाँ पर देवी की पीठ की पूजा-अर्चना होती है। कहा जाता है कि ब्रह्माणी माता का प्राकट्य यहाँ पर 700 वर्ष पूर्व हुआ था। तब यह देवी खोखर गौड़ ब्राह्मण पर प्रसन्न हुई थी, इसलिए आज भी खोखरजी के वंशज ही मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं।
शामलाजी (Shamlaji) भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) के तीन प्रमुख मंदिरों में एक है, जो गुजरात (Gujarat) के अरावली जिले (Aravalli...
सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव को उगते और डूबते दोनों तरह से अर्घ्य दिया जाता है।
वृक्ष सदा उपकार की खातिर जीते है। इसलिये हम वृक्षों के कृतज्ञ है। वृक्षों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हेतु परिवार के प्रति व्यक्ति को हरियाली अमावस्या पर एक-एक पौधारोपण करना चाहिये।
इस धनतेरस धन, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का आह्वान करें!
राधा अष्टमी के पर्व का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। अष्टमी का व्रत रखकर राधा की पूजा की जाती...
हिन्दू धर्म में गणेश जी को प्रथम पूजनीय माना जाता है!! कोई इन्हें *विघ्नहर्ता* कहता है तो कोई इन्हें *सिद्धिविनायक*।...
विविधताओं में एकता का प्रतीक भारतवर्ष पर्वों व त्योहारों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ मनाए जाने वाले प्रत्येक पर्व...




