इस दिन विवाहित महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं।
श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, विश्व भर में भगवान शिव का सबसे बड़ा मंदिर है। लगभग 24 एकड़ क्षेत्रफल में अपने विस्तार के कारण यह भारत का आठवाँ सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।
उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य के रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) शहर से 3 किलोमीटर दूर प्राचीन कोटेश्वर महादेव मंदिर (Koteshwar Mahadev Mandir) स्थित है। इस मंदिर का निर्माण 14वीं शताब्दी में किया गया था।
मंदिर परिसर में सूर्यदेव के अलावा शिव-पार्वती, विष्णु, भैरव, दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती आदि के भी छोटे-छोटे मंदिर हैं। सूर्य मंदिर के आधार पर इस गांव को आदित्यगांव भी कहा जाता है। मंदिर में लगी सूर्य की मूर्ति सबसे बड़ी है। इस मूर्ति में भगवान सूर्यनारायण सात अश्वों के एक चक्रीय रथ पर सुखासन में बैठे हैं जिनके दोनों हाथ कंधे तक उठे हैं।
मौसम संबंधी किसी भी पूर्वानुमान के लिए मौसम विज्ञानियों की मदद ली जाती है। लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसी जगह के बारे में सुना या सोचा है, जहां खुद भगवान मौसम के बदलाव की जानकारी देते हैं। इसके साथ ही स्थानीय निवासी इस इलाके में मंदिर से गिरने वाली बूंदों से ही खेतों में जुताई और बुवाई का समय तय करते हैं।
सनातन संस्कृति के अनुसार कलयुग के एक मात्र दिखने वाले देवता सूर्य देव (Surya Dev) ही हैं। सूर्य देव को आरोग्य का कारक भी माना जाता है। सूर्य ब्रह्मण्ड की केंद्रीय शक्ति हैं। यह सम्पूर्ण सृष्टि का गतिदाता हैं।
देश में वैसे तो अनेक मंदिर है, लेकिन भगवान सत्यनारायण (Lord Satyanarayan) के कुछ ही मंदिर है। इनमें आंध्र प्रदेश स्थित सत्यनारायण स्वामी मंदिर (Satyanarayan Swami Temple) प्रमुख है।
संकटकालीन परिस्थिति के परिप्रेक्ष्य में हिन्दू धर्मशास्त्र में बताया हुआ विकल्प है ‘आपद्धर्म’!: ‘आजकल पूरे विश्व में कोरोना महामारी के...
यह मंदिर तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले के शहर कुटनूर में स्थित है। कूटनूर से करीब 3 किमी दूर तिलतर्पण पुरी है। जहां आदि विनायक मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। इस विनायक मंदिर में श्री गणेश की नरमुखी प्रतिमा यानी इंसान स्परुप की पूजा की जाती है।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को महापर्व छठ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्यदेव की...
आज शुक्रवार मां लक्ष्मी का दिन है। मान्यता है कि आज के दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान के साथ पूजा करने पर माता की कृपा हमेशा व्यक्ति पर बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति को सुख-समृद्धि और शांति भी मिलती है।
रमज़ान के पवित्र महीने का इंतज़ार बढ़ रहा है क्योंकि दुनिया भर के मुसलमान महीने भर के रोज़े की तैयारी कर रहे हैं। कई लोग पहले रोज़े की तारीख को लेकर कन्फ्यूज़ हैं, जिसके 19 या 20 फरवरी को होने की उम्मीद है। इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के नौवें महीने की शुरुआत चांद दिखने पर निर्भर करती है।






