यशोदा जयंती, माता यशोदा का जन्मदिन उत्सव है। यशोदा भगवान कृष्ण और नंदा की पत्नी के लिए पालक हैं। यशोदा...
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) की अनेक व्रत कथाएँ प्रचलित हैं। ऐसी ही एक कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक...
चैत्र के उपरांत आता है वैशाख । वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया कहते हैं । इसे उत्तर भारत में...
हनुमान जी (Hanuman ji) और अंगद जी (Angad ji) दोनों ही समुद्र लाँघने में सक्षम थे, फिर पहले हनुमान जी लंका क्यों गए? अंगद जी बुद्धि और बल में बाली के समान ही थे। समुद्र के उस पार जाना भी उनके लिए बिल्कुल सरल था। किन्तु वह कहते हैं कि लौटने में मुझे संशय है। आखिर कौन सा संशय था उन्हें? जानिए पूरी कथा।
शनि के व्रत में श्रद्धा-भक्ति तथा पूर्ण समर्पण भाव सहित स्वयं के कष्ट निवारण का आग्रह मन ही मन करना चाहिए। व्रत करने वाले स्त्री-पुरुष को चाहिए कि शनिवार को प्रात:काल स्नान कर सर्वप्रथम देव, ऋषि तथा पितृ तर्पण करें। पीपल अथवा शमी वृक्ष के नीचे भक्तिपूर्वक वेदी बनाकर उसे गौ के गोबर से लीप देना चाहिए।
कर्मों के न्यायाधीश भगवान शनिदेव कई अन्य वजहों से भी अदभुत देवता के रूप में पूजनीय हैं। इसी सन्दर्भ में...
योगिनी एकादशी 14 जून, बुधवार को है। भगवान श्रीहरि विष्णु को एकादशी की तिथि अत्यंत प्रिय होती है। इसलिए जो भी भक्त किसी भी एकादशी का व्रत करते हैं, उसका फल उन्हें कई गुना अधिक मिलता है।
चैत्र के उपरांत आता है वैशाख । वैशाख शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया कहते हैं । इसे उत्तर भारत में...
तमिलनाडु के पेरावोरानी के पास तंजावूर के विलनकुलम में अक्षयपुरीश्वर मंदिर (Akshayapureeswarar Temple) है। ये मंदिर भगवान शनि के पैर टूटने की घटना से जुड़ा हुआ है। इस मंदिर में शारीरिक रुप से परेशान और साढ़े साती में पैदा हुए लोग शनिदेव की विशेष पूजा के लिए आते हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भगवान शिव का ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां स्वयंभू शिवलिंग को हटाने के लिए बड़े...
गुजरात के बनासकांठा जिले में अंबाजी मंदिर (Ambaji Mandir) दुर्गा माता (Durga Mata) का सबसे लोकप्रिय मंदिर है। इस मंदिर के लिए भक्तों में इतनी अपार श्रद्धा है कि यहां विदेश में रहने वाले गुजराती भी मां अंबाजी जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।
उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले के गांव वाण में एक बेहद ही अद्भुत ‘लाटू देवता मंदिर’ (Latu Devta Mandir) है।





