आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के अनंतपुर (Anantpur) जिले में स्थापित लेपाक्षी मंदिर (Lepakshi Temple) 70 खंभों पर खड़ा है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मंदिर का एक खंभा जमीन को छूता ही नहीं है। बल्कि हवा में झूलता रहता है। यही वजह है कि इस मंदिर को हैंगिंग टेंपल (Hanging Temple) के नाम से भी जाना जाता है।
यह व्रत गतवैभव को प्राप्त करने के लिए किया जाता है । किसी के द्वारा बताने पर या अनंत का...
अगर विघ्न विनाशक मंगलमूर्ति गणेश (Ganesha) को कोई चोर कहे तो थोड़ा अचरज होगा। लेकिन बता दें कि भूतभावन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन (Ujjain) में उनके पुत्र श्रीगणेश का अद्भुत मंदिर है, जहां उनकी 'चोर गणेश' (Chor Ganesh) के नाम से पूजा होती है। उन्हें यहां 'चोर गणेश' ही कहा जाता है।
पद्मनाभस्वामी मंदिर (Padmanabhaswamy Temple) भारत के केरल (Kerala) राज्य के तिरुअनन्तपुरम (Thiruvananthapuram) में स्थित भगवान विष्णु (Lord Vishnu) का मंदिर भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में से एक ऐतिहासिक मंदिर है।
माघ अमावस्या- 31 जनवरी 2022 सोमवार को सोमवती और 1 फरवरी 2022 मंगलवार को मौनी अमावस्या है। पूर्णिमा के दिन...
पुण्य सलिला सरयू नदी के किनारे स्थापित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर इस बात का द्योतक भी है कि जिस स्थान पर...
यह विश्व का ऐसा अनोखा मंदिर है, जो 24 घंटे में मात्र दो मिनट के लिए बंद होता है। यहां तक कि ग्रहण काल में भी मंदिर बंद नहीं किया जाता है। कारण यह कि यहां विराजमान भगवान कृष्ण को हमेशा तीव्र भूख लगती है। भोग नहीं लगाया जाए तो उनका शरीर सूख जाता है। अतः उन्हें हमेशा भोग लगाया जाता है, ताकि उन्हें निरंतर भोजन मिलता रहे।
यह व्रत गतवैभव को प्राप्त करने के लिए किया जाता है । किसी के द्वारा बताने पर या अनंत का...
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुरादाबाद (Muradabad) जिले में बीहाजोई गांव के प्राचीन पातालेश्वेर शिव मंदिर (Pataleshwar Shiv Mandir) है।...
श्रीराम अवतार के समय हनुमान जी को स्वयं भगवान श्रीराम ने अमर होने का आशीर्वाद दिया था। इसी कारण हनुमानजी का प्रताप चारों युगों में रहा है और आगे भी रहेगा, क्योंकि वे अजर-अमर हैं। अंजनी सुत जब तक चाहें शरीर में रहकर इस धरती पर मौजूद रह सकते हैं।
सीता माता का अम्मान मंदिर (Amman Temple) श्रीलंका (Sri Lanka)के न्युवार इलिया नामक पर्वत पर स्थित है। जिस तरह भगवान राम (Lord Rama) भारत के लोगों के लिए पूज्य हैं, उसी तरह उसी तरह माँ श्रीलंका में पूज्य है। खास बात ये है कि माँ सीता के मंदिर के अलावा यहाँ कई और मंदिर और लेकिन सिर्फ माँ सीता के मंदिर के आसपास बहुत अधिक वानर आज भी पहरा देते नजर आते हैं।
पुण्य सलिला सरयू नदी के किनारे स्थापित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर इस बात का द्योतक भी है कि जिस स्थान पर...




