महाराष्ट्र (Maharashtra) के कोल्हापुर (Kolhapur) में स्थित महालक्ष्मी मंदिर (Mahalaxmi Mandir) देश के प्रमुख मंदिरों में एक और शक्तिपीठ माना...
देश में वैसे तो अनेक मंदिर है, लेकिन भगवान सत्यनारायण (Lord Satyanarayan) के कुछ ही मंदिर है। इनमें आंध्र प्रदेश स्थित सत्यनारायण स्वामी मंदिर (Satyanarayan Swami Temple) प्रमुख है।
झालरापाटन का यह विशाल सूर्य मंदिर, पद्मनाथजी मंदिर, बड़ा मंदिर, सात सहेलियों का मंदिर आदि अनेक नामों से प्रसिद्ध है। मंदिर का निर्माण खजुराहो एवं कोणार्क शैली में हुआ है। यह शैली ईसा की दसवीं से तेरहवीं सदी के बीच विकसित हुई थी।
वरदविनायक मंदिर (Varadvinayak Mandir) हिन्दू देवता गणेश (Lord Ganesha) के अष्टविनायको (Ashtavinayak) में से एक है। यह मंदिर भारत में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कर्जत और खोपोली के पास खालापुर तालुका के महड गाँव में स्थित है। इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को स्वयंभू कहा जाता है।
हम आपको विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग के बारे में बताने जा रहे हैं। बताया जाता है कि इस शिवलिंग...
मान्यता है कि विष्णु जी मनुष्य के जीवन में आर्थिक सम्पन्नता लाते हैं। इसके अलावा विष्णु जी (Vishnu ji) की...
आप पद्मनाभ स्वामी मंदिर में स्थापित श्री विष्णु की प्रतिमा की तस्वीर के दर्शन अवश्य करे। इसके पीछे मान्यता है कि अगर जिसने पद्मनाभ स्वामी मंदिर में श्री विष्णु भगवान जी के दर्शन कर लिए, तो उसपर पूरी जिंदगी विष्णु भगवान की कृपा बनी रहेगी और धन की कमी नहीं रहेगी।
शनिदेव (Shanidev) का एक चमत्कारी मंदिर उत्तरकाशी जिले के खरसाली गांव में स्थित है। यह प्राचीन मंदिर समुद्र तल से लगभग 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर अपनी अनूठी डिजाइन और सुंदर कलाकृतियों के लिए पूरे देश भर में प्रसिद्ध है।
राजस्थान के झुंझनूं जिले से 70 किलोमीटर दूर आड़ावल पर्वत के उदयपुरवाटी के कस्बे में लोहार्गल (Lohargal) स्थित सूर्य मंदिर (Surya Mandir) को भगवान सूर्य (Bhagwan Surya) का घर माना जाता है। इसका संबंध पांडवों से जुड़ा हुआ है। इस तीर्थ स्थल को पुष्कर (Pushkar) तीर्थ (Pushkar) के सभी तीर्थों में से मुख्य तीर्थ स्थल माना जाता है।
हम आपको विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग के बारे में बताने जा रहे हैं। बताया जाता है कि इस शिवलिंग...
मध्यप्रदेश के देवास के ग्राम नागदा में एक अति प्राचीन श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर (Siddhi Vinayak Ganesh Mandir) है। महाभारत कालीन इस मंदिर के बारे में बताया जाता है ये करीबन 5000 साल से भी अधिक पुराना है।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलरामपुर (Balrampur) जिले में देवी के 51 शक्तिपीठों (Shaktipeeth) में से एक पीठ स्थित है, जिसे मां पाटेश्वरी देवी मंदिर (Maa Pateshwari Devi Mandir) से जाना जाता है। यह मंदिर शिव और सती के प्रेम का प्रतीक माना जाता है।





