शनिदेव व्यक्ति को माया, मोह, असत्य, इन्द्रियजन्य सुख, विषय-वासना की आसक्ति से हटाकर परमतत्व का ज्ञान कराते हैं। साथ ही अच्छे-बुरे की पहचान भगवान शनिदेव द्वारा ही होती है। स्वार्थ की धुरी पर चलने वाली इस सृष्टि में व्यक्ति को परमात्मा की ओर मोड़ने वाले एक मात्र भगवान शनिदेव ही हैं।
श्रीराधा जी के बारे में प्रचलित है कि वह बरसाना की थीं, लेकिन सच्चाई है कि उनका जन्म बरसाना से...
रामभक्त हनुमान (Hanuman ji) हमेशा ही अपने आराध्य देव भगवान श्री राम (Shri Ram) के समीप ही रहा करते थे और भगवान राम भी हनुमान जी को पुत्रवत प्रेम किया करते थे। हनुमान जी के कारण ही मृत्यु के देवता काल देव राम जी के पास आने से डरते थे।
मान्यताओं के अनुसार कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश (Ganesh Bhagwan) की पूजा की जानी जरूरी है। भगवान गणेश सभी लोगों के दुखों को हरते हैं। काशी (Kashi) में जिसे खासतौर पर भगवान शिव की नगरी कहा जाता है, यह उनके पुत्र भगवान गणेश के लिए भी प्रचलित है। काशी में ही शिव जी के पुत्र भगवान गणेश अपने विशेष रूप में स्थापित हैं।
शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्ड ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे। विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था।...
कुछ जगहों पर ऐसा जिक्र मिलता है कि कृष्ण की 64 कलाएं ही उनकी गोपियां थीं और राधा उनकी महाशक्ति थी। इसके मायने ये हुए कि राधा और गोपियां कृष्ण की ही शक्तियां थीं जिन्होंने स्त्री रूप लिया था।
श्रीराधा जी के बारे में प्रचलित है कि वह बरसाना की थीं, लेकिन सच्चाई है कि उनका जन्म बरसाना से...
भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के दशावतारों में से एक वामन अवतार (Vaman Avatar) का दुर्लभ मंदिर उत्तर प्रदेश के कानपुर...
एक बार किसी ने भगवान विष्णु से पूछ दिया-महाराज! आपने नारद के चरित्र में कलंक क्यों लगवा दिया? क्योंकि नारद...
मनुष्य हो या वस्तु, समय पूरा होने पर उसका नाश होना जरूरी
कुण्डली में सूर्य कमजोर होने से मान-प्रतिष्ठा और किए गए कार्यों का श्रेय नहीं मिल पाता है। इसके अलावा रोग भी परेशान करते है। कुण्डली में सूर्य को मजबूत करने के लिए रविवार के दिन सूर्यदेव पूजन (Suryadev Pujan) जरूर करें।
अपने देश में एक ऐसा मंदिर भी है, जो सिर्फ पत्थरों पर पत्थर रख कर बनाया गया है। जिसकी ऊंचाई 216 फीट है और जो पिछले 1000 वर्षों से बिना झुके खड़ा है, तो क्या आप विश्वास करेंगे?






