मंदिर परिसर में सूर्यदेव के अलावा शिव-पार्वती, विष्णु, भैरव, दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती आदि के भी छोटे-छोटे मंदिर हैं। सूर्य मंदिर के आधार पर इस गांव को आदित्यगांव भी कहा जाता है। मंदिर में लगी सूर्य की मूर्ति सबसे बड़ी है। इस मूर्ति में भगवान सूर्यनारायण सात अश्वों के एक चक्रीय रथ पर सुखासन में बैठे हैं जिनके दोनों हाथ कंधे तक उठे हैं।
भगवान गणपति की विशाल मूर्ति की स्थापना के लिए पहले इस जमीन पर एक इंटरनेशनल पार्क बनाया गया है। इसे सिटी ऑफ गणेश (City of Ganesh) के नाम से पुकारा जाता है। इस मूर्ति के निर्माण में (2008-2012) पूरे चार साल का समय लगा।
शारदीय नवरात्रि का नौ दिवसीय पावन पर्व सोमवार 26 सितंबर 2022 को घटस्थापना के साथ शुरू होगा। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
होली एक जीवंत और आनंदमय हिंदू त्योहार है जो मुख्य रूप से भारत और नेपाल में मनाया जाता है।
भगवान शिव की पूजा सदियों से हो रही है लेकिन इस बात को बहुत कम लोग ही जानते हैं कि...
यहां आपके लिए साझा करने के लिए कुछ सुंदर और हार्दिक धनतेरस संदेश दिए गए हैं।
भारत में कई ऐसे स्थान हैं, जिनका नामकरण वहां के कुल देवता या देवी के नाम पर हुआ है। बिहार (Bihar) के भोजपुर (Bhojpur) जिले का मुख्यालय आरा भी एक ऐसा ही शहर है, जिसका नामकरण अरण्य देवी (Aranya Devi) के नाम पर हुआ है। यहां के लोग इन्हें आरन देवी (Aaran Devi) भी कहते हैं।
व्रत अनुष्ठान, तिथि, पूजा मुहूर्त, चंद्रोदय समय से लेकर उपवास की अवधि तक - जानें अहोई अष्टमी के बारे में सब कुछ
गंगा दशहरा हिंदू धर्म में सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह पवित्र नदी गंगा की उत्पत्ति को चिह्नित...
भगवान शिव के फल से ज्येष्ठ की अमावस्या में भगवान शनिदेव (Shanidev) का जन्म हुआ। सूर्य के तेज और तप के कारण शनिदेव का रंग काला हो गया। लेकिन माता की घोर तपस्या के कारण शनि महाराज में अपार शक्तियों का समावेश हो गया।
Bilai Mata Mandir: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी (Dhamtari) जिले में स्थित बिलाई माता मंदिर (Bilai Mata Mandir) जिसे विंध्यवासिनी मंदिर...
हनुमान चालीसा में जिक्र है कि अगर आप बहुत अधिक संकट में हैं तो 8 मंगलवार हनुमान जी के दर्शन कर ले तो आपके सारे संकट दूर हो जाएंगे। जोधपुर के एक प्राचीन पंचमुखी हनुमान मंदिर हैं। इस मंदिर की विशालकाय प्रतिमा के बारे में कहा जाता है कि यह स्वयंभू हैं और पंचमुखी हनुमान (Swayambhu Panchmukhi Hanuman) जी के दर पर जो भी मत्था टेक ले उसके सभी कष्ट व पीड़ा हनुमान जी हर लेते हैं। इस मंदिर में श्रद्धालु साल के सालों भी आते हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार को श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहता है।






