बिहार के दरभंगा जिले में मां काली का यह भव्य मंदिर मौजूद है, जिन्हें यहां भक्त श्यामा माई (Shyama Mai) के नाम से पुकारते हैं। इस मंदिर के निर्माण की कहानी जिसे सुनकर सब हैरान हो जाते हैं। मां काली का यह मंदिर दरभंगा राज परिवार के महान साधक महाराज रामेश्वर सिंह की चिता पर बना है।
हमारे देश में ऐसे बहुत से मंदिर स्थापित हैं, जिन सबकी मान्यताएं अलग-अलग है। कई मंदिर ऐसे हैं जो अपने...
देवाधिदेव महादेव शिव को भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) का आराध्य और श्री हरि विष्णु (Shri Hari Vishnu) को देवाधिदेव महादेव (Mahadev) का आराध्य बताया जाता रहा है। भगवान विष्णु अगर जगत का पालन करते हैं तो भगवान शिव (Bhagwan Shiv) इस संसार का संहार करते हैं। दोनों में कोई न बड़ा है और न ही छोटा है।
अक्षयपुरीश्वर मंदिर (Akshaypurishwar Mandir) के प्रमुख भोलेनाथ (Bholenath) और देवी पार्वती (Devi Parvati) हैं। इनके साथ ही मंदिर में शनिदेव की पूजा उनकी पत्नियों मंदा और ज्येष्ठा के साथ की जाती है।
उत्तराखंड को महादेव शिव की तपस्थली भी कहा जाता है। भगवान शिव इसी धरा पर निवास करते हैं। इसी जगह पर भगवान शिव का एक बेहद खूबसूरत ताड़केश्वर भगवान का मंदिर है।
जबलपुर: समर्थ सद्गुरु भैयाजी सरकार की निर्विकार निर्विकल्प निराहार चातुर्मास महा साधना एवं जन्माष्टमी के पावन पर्व श्रीमद्भागवत तत्व चिंतन...
पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना तो सभी लोग करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ भी करते हैं, पर यह...
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शैलपुत्री पहाड़ों के राजा हिमालय की बेटी हैं, और उन्हें शक्ति के रूप में जानी जाने वाली दिव्य ऊर्जा का अवतार माना जाता है। उन्हें भगवान शिव की पहली पत्नी सती का अवतार भी माना जाता है। शैलपुत्री को शक्ति और दृढ़ संकल्प के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।
आप पद्मनाभ स्वामी मंदिर में स्थापित श्री विष्णु की प्रतिमा की तस्वीर के दर्शन अवश्य करे। इसके पीछे मान्यता है कि अगर जिसने पद्मनाभ स्वामी मंदिर में श्री विष्णु भगवान जी के दर्शन कर लिए, तो उसपर पूरी जिंदगी विष्णु भगवान की कृपा बनी रहेगी और धन की कमी नहीं रहेगी।
राजा सुरथ की भक्ति देखकर सूर्यपुत्र यमराज प्रसन्न हुए। अपने वास्तविक रूप में आकर सुरथ से वरदान मांगने को कहा।...
महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार है जिसे भगवान शिव के सम्मान में मनाया जाता...
वाराणसी (Varanasi) में काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) के अलावा मां दुर्गा (Maa Durga) का भी एक दिव्य और पुरातन मंदिर भी है। लाल पत्थरों से बने इस मंदिर में माता के कई स्वरूपों का दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है। इसकी भव्यता ऐसी है कि कहा जाता है कि मंदिर परिसर में जाने वाले भक्त मां की प्रतिमा को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। मंदिर में एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह महसूस होता है।





