अनमोल कुमार “अश्वदायि गोदायी धनदायि महाधने । धनं मे जुषतां देवि सर्वकामांश्च देहि मे ।। पुत्रपौत्र धनं धान्यं हस्त्यश्र्वाश्र्वतरी रथम्...
अनमोल कुमार सभी जानते हैं कि हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा जाता है, लेकिन हनुमान जी की शादी हुई...
गणेश जी की शर्त थी कि महर्षि एक क्षण के लिए भी कथावाचन में विश्राम ना लेंगे। यदि वे एक क्षण भी रूके, तो गणेश जी वहीं लिखना छोड़ देंगे। महर्षि ने उनकी बात मान ली और साथ में अपनी भी एक शर्त रख दी कि गणेश जी बिना समझे कुछ ना लिखेंगे। हर पंक्ति लिखने से पहले उन्हें उसका मर्म समझना होगा। गणेश जी ने उनकी बात मान ली।
वैसे तो राधा जी (Radha Rani) के जन्म के बारे में अनेक कथाएं शास्त्रों में आती हैं, लेकिन ऐसा माना जाता है कि आज से करीब पांच हजार दो सौ वर्ष पूर्व मथुरा जिले के गोकुल-महावन कस्बे के निकट रावल गांव में भाद्र पद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र, मध्यान्ह काल 12 बजे और सोमवार के दिन पिता वृषभानु और माता कीर्तिदा की पुत्री के रूप में श्री राधिका जी ने जन्म लिया था।
खाटू श्याम बर्बरीक के रूप है। श्रीकृष्ण ने ही बर्बरीक को खाटूश्यामजी नाम दिया था। भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार...
शनि का श्याम वर्ण को देखकर सूर्य ने अपनी पत्नी छाया पर यह आरोप लगाया कि शनि मेरा पुत्र नहीं...
भगवान श्रीगणेश (ShriGanesh) को विघ्नहर्ता (Vighnaharta), मंगलमूर्ति (Mangalmurti), लंबोदर (Lambodar) व्रकतुंड (Vakratunda) आदि कई विचित्र नामों से पुकारा जाता है। जितने विचित्र इनके नाम हैं उतनी विचित्र इनसे जुड़ी कथाएं भी हैं। अनेक धर्म ग्रंथों में भगवान श्रीगणेश की कथाओं का वर्णन मिलता है। भगवान श्रीगणेश से जुड़ी कुछ जग प्रसिद्ध कथाएं यहां प्रस्तुत है।
उषाकाल में पूर्व दिशा से अपने रथ पर सवार हो सूर्य देव (Surya Dev) निकलते है। सूर्यदेव जिनके रथ को सात अश्वों द्वारा खींचा जाता है। जिनके सारथी अरुण है, जो विष्णु के वाहन गरुड़ के भाई है। अब ख़ास बात ये हैं कि सूर्यदेव के रथ में सात घोड़ों का अर्थ क्या है?
हिंदू धर्म में हर पूजा में सबसे पहले प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आराधना की जाती है लेकिन क्या आप...
मार्कण्डेय पुराण के अनुसार सूर्य ब्रह्मस्वरूप है, सू्र्य से जगत उत्पन्न होता है। सूर्य नवग्रहों में प्रमुख देवता हैं। सूर्यदेव की दो भुजाएं हैं। वे कमल के आसन पर विराजमान हैं। उनके दोनों हाथों में कमल सुशोभित हैं। उनके सिर पर सुंदर स्वर्ण मुकुट और गले में रत्नों की माला है। सूर्य देव 7 घोड़ों के रथ पर सवार हैं।
खाटू श्याम बर्बरीक के रूप है। श्रीकृष्ण ने ही बर्बरीक को खाटूश्यामजी नाम दिया था। भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार...
कहते हैं कि भगवान कृष्ण (Lord Krishna) की 16,108 पत्नियां थीं। क्या यह सही है? इस संबंध में कई कथाएं प्रचलित हैं और लोगों में इसको लेकर जिज्ञासा भी है। आइए, जानते हैं कि कृष्ण की 16,108 पत्नियां होने के पीछे राज क्या है?


