Varuthini Ekadashi 2022: इस साल वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) आज मंगलवार 26 अप्रैल को है। मंगलवार को एकादशी (Ekadashi) होने...
शनिदेव व्यक्ति को माया, मोह, असत्य, इन्द्रियजन्य सुख, विषय-वासना की आसक्ति से हटाकर परमतत्व का ज्ञान कराते हैं। साथ ही अच्छे-बुरे की पहचान भगवान शनिदेव द्वारा ही होती है। स्वार्थ की धुरी पर चलने वाली इस सृष्टि में व्यक्ति को परमात्मा की ओर मोड़ने वाले एक मात्र भगवान शनिदेव ही हैं।
तपस्या पूरी हुई तब देवी के इस त्याग पर भगवान विष्णु ने कहा- कि आज से मुझे मेरे नहीं, आपके नाम से जाना जाएगा। संस्कृत में बद्री (बदरी) का अर्थ बेर होता है, इसलिए श्रीहरि बद्रीनाथ (Shrihari Badrinath) कहलाए।
हनुमानजी (Hanuman ji) के बारे में कई रहस्य जो अभी तक छिपे हुए हैं। शास्त्रों के अनुसार बजरंगबली (Bajrangbali) इस...
Hanuman Jayanti: श्रीराम भक्त हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न में...
हनुमानजी सप्तचिरंजीवों में से एक हैं । अर्थात सदैव जीवित रहने वाले । हनुमानजी ने त्रेतायुग में श्रीरामजी की अवतार...
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन (Solan) स्थित जटोली शिव मंदिर ((Jatoli Shiva Mandir) भगवान शिव (Lord Shiva) के सबसे...
भुवनेश्वर: ओडिसा के पुरी में बाट मंगला मंदिर स्थित है। यहां मंगला देवी कमल पर विराजमान वैष्णवी ठाकुर्नी का चतुर्भुज...
हिंदू धर्म में गणेश भगवान की पूजा का हर अनुष्ठान में सबसे पहले की जाती है। भारत ही नहीं देश के बाहर भी गणेश जी कई मंदिर हैं। इन्हीं में से एक बेंगलुरु के पास बसावनगुड़ी में मौजूद डोडा गणपति (Doda Ganpati) की प्रतिमा है।
भगवान सूर्य (Bhagwan Surya) जिस सात घोड़े (Seven horses) वाले रथ पर सवार रहते हैं उसके संबंध में धार्मिक ग्रंथों...
हनुमान जी (Hanuman ji) को कलयुग में सबसे प्रभावशाली देवताओं में से एक माना जाता है। विष्णु जी (Vishnu ji)...
माता सती (Mata Sati) के जहां-जहां अंग गिरे, वहां शक्तिपीठ (Shaktipeeth) के रूप में स्थापना हुई। धर्मग्रंथों में कुल 51 शक्तिपीठों की मान्यता है। इन्हीं शक्तिपीठों में एक हैं माता हरसिद्धि हैं। यहां माता सती की कोहनी गिरी थी। इनका मंदिर मध्यप्रदेश के उज्जैन (Ujjain) और गुजरात (Gujarat) के द्वारका दोनों जगह स्थित हैं।
