पैगंबर मोहम्मद का जब जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना! इसलिए इस...
जन्म से 5 वर्ष तक किसी भी बालक की कुंडली में शनि का स्थान नहीं होगा। जिससे कोई और बालक मेरे जैसा अनाथ न हो।
इस हनुमान मंदिर (Hanuman Mandir) को हनुमानगढ़ी (Hanumangarhi) के नाम से जाना जाता है। नैनीताल के अतिरिक्त भारत के अन्य प्रदेशों में भी हनुमान गढ़ी के नाम से कई मंदिर प्रसिद्ध हैं।
हरिद्वार की पावन धरती ने एक बार फिर आध्यात्मिक इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। गंगा...
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सोलन (Solan) स्थित जटोली शिव मंदिर ((Jatoli Shiva Mandir) भगवान शिव (Lord Shiva) के सबसे...
हिंदू धर्म में गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। कहते हैं सच्चे...
शिंगणापुर तीर्थ की गाथा बहुत ही दिलचस्प है। शनि शिंगणापुर गांव के चारों ओर पर्वतमालाएं हैं। यहां गांव के लोग अपने घरों में ताला नहीं लगाते। घरों, दुकानों पर दरवाजे वगैरह नहीं हैं। कहते हैं कि यदि कोई चोरी की नीयत से किसी का सामान छूता भी है तो शनिदेव उसको अपने ढंग से दंडित कर देते हैं। दरवाजे और चौखट न होने के बावजूद चोरी न होने को यहां के लोग शनिदेव की कृपा मानते हैं।
सूर्य और चंद्र इस पृथ्वी के साक्षात देवता हैं जो हमें प्रत्यक्ष स्वरूप में दिखाई देते हैं। वेदों में सूर्य...
प्रस्तुत लेख में ‘नारायणबली, नागबलि व त्रिपिंडी श्राद्ध’ के विषय में अध्यात्मशास्त्रीय विवेचन पढें । इसमें मुख्य रुप से इन...
‘गणेश टोक’ (Ganesh Tok) गंगटोक (Gangtok) में भगवान गणेश (Lord Ganesha) को समर्पित मंदिर है। गंगटोक से 6 किमी की दूरी पर स्थित यह मंदिर, ताशी व्यूपॉइंट के पास, गणेश टोक व्यू पॉइंट गंगटोक के सबसे लोकप्रिय आकर्षणों में से एक है।
सूर्य को रोज अर्घ्य देना बेहद शुभ माना जाता है। क्योंकि भगवान सूर्य यश-मान-सम्मान बढ़ाते हैं। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ...
शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन। इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। ब्रह्मलीन होकर तप करने के कारण इस महाशक्ति को ब्रह्मचारिणी की संज्ञा दी गई है।





