राजस्थान के महालक्ष्मी मंदिर (Mahalaxmi Mandir) में एक अनूठा चमत्कार का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है...
आज भी हर साल जगन्नाथ यात्रा के उपलक्ष्य में सोने की झाड़ू से पुरी के राजा खुद झाड़ू लगाने आते है।
इस साल वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) के दिन बेहद शुभ संयोग बन रहा है। चूंकि इस साल शनि जयंती भी इसी दिन पड़ रही है। इसके अलावा शनि के कुंभ राशि में होने से शश महापुरुष योग का निर्माण हो रहा है।
रामभक्त हनुमान (Hanuman ji) हमेशा ही अपने आराध्य देव भगवान श्री राम (Shri Ram) के समीप ही रहा करते थे और भगवान राम भी हनुमान जी को पुत्रवत प्रेम किया करते थे। हनुमान जी के कारण ही मृत्यु के देवता काल देव राम जी के पास आने से डरते थे।
इस साल देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) में बेहद ख़ास संयोग बन रहा है। इस दिन एक या दो नहीं, पूरे चार शुभ योग रहने वाले हैं। जानिए, इस साल देवशयनी एकादशी का व्रत कब रखा जायेगा और इस दिन कौन से विशेष योग बन रहे हैं?
बिहार की राजधानी पटना में स्थित पटन देवी मंदिर (Patan Devi Mandir) शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। देवीभागवत और तंत्रचूड़ामणि के अनुसार, सती की दाहिनी जांघ यहीं गिरी थी. नवरात्र के दौरान यहां काफी भीड़ उमड़ती है। सती के 51 शक्तिपीठों में प्रमुख इस उपासना स्थल में माता की तीन स्वरूपों वाली प्रतिमाएं विराजित हैं।
सूर्य देव ने देखा कि इतना सब के बाद भी समुद्र के जल स्तर में रत्ती भर की कमी नहीं आई थी और न ही स्वयं के तेज में। जबकि इस कार्य में सहयोगी हवा भी सोंधी महक से सुरभित हो गई थी।
कंस को मारने के बाद भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) कारागृह में गए और वहां से माता देवकी तथा पिता...
श्री अरुणाचलेश्वर मंदिर, विश्व भर में भगवान शिव का सबसे बड़ा मंदिर है। लगभग 24 एकड़ क्षेत्रफल में अपने विस्तार के कारण यह भारत का आठवाँ सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।
माँ कालरात्रि साहस और दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं। माना जाता है कि उनकी पूजा करने से भक्त के जीवन से सभी बाधाएं और भय दूर हो जाते हैं। वह अज्ञान और अंधकार का नाश करने वाली है, अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतिनिधित्व करती है।
हिन्दू धर्म में पंचदेव की पूजा रोज करनी चाहिए। इनमें गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, मां दुर्गा और सूर्यदेव शामिल हैं। रोज सुबह सूर्यदेव (Suryadev) के दर्शन करने से कुंडली के सूर्य और अन्य ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं। सूर्य साक्षात दिखाई देने वाले भगवान माने जाते हैं।
10 दिवसीय गणेश उत्सव भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होगा। यह पर्व 10 सितंबर से 19 सितंबर तक...








