बाल्यकाल में जब हनुमान सूर्यदेव (Suryadev) को फल समझकर खाने को दौड़े तो घबराकर देवराज इंद्र (Devraj Indra) ने हनुमानजी...
धार्मिक मान्यताओं में दंड के अधिकारी माने जाने वाले शनिदेव के बारे में कहा जाता है कि जिस पर भी शनि की तिरछी नजर पड़ जाए वह उनके प्रकोप से बच नहीं सकता। यहां तक कि स्वयं देवाधिदेव महादेव भी उनके प्रकोप से बच नहीं सके। आइए जानते हैं क्या है शनिदेव और महादेव की यह कहानी और किसने बनाया शनिदेव को दंड का अधिकारी।
यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और भारत के विभिन्न भागों में इसका अलग-अलग पौराणिक महत्व है।
जिन पर माता लक्ष्मी की कृपा हो जाती है वह धन धान्य से परिपूर्ण हो जाता है। हर कोई उनका...
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टी की निर्मिति हुई, इसलिए इस दिन हिन्दू नववर्ष मनाया जाता है । इस दिन को...
पवित्र राखी बांधने के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार भाई-बहनों के बीच प्यार, सुरक्षा और खास रिश्ते का प्रतिनिधित्व करता है। "रक्षा बंधन" का अर्थ है "सुरक्षा का बंधन", जहाँ "रक्षा" का अर्थ है सुरक्षा, और "बंधन" का अर्थ है बंधन।
देवताओं की सेना के सेनापति कार्तिकेय (Kartikeya) या मुरुगन भगवान (Lord Murugan) शिव और माता पार्वती के सबसे बड़े पुत्र हैं । हालांकि संपूर्ण भारत में ही कार्तिकेय की पूजा की जाती है
अनमोल कुमार सभी देवता भी अपने कार्यों की बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिए गणेश जी (Ganesh ji)...
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को महापर्व छठ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्यदेव की...
दिवाली से जुड़े इस त्योहार के अवसर पर नए आभूषण खरीदने की प्रथा है। व्यापारी भी इस दिन अपने तिजोरी...
पटन देवी भी दो हैं- छोटी पटन देवी और बड़ी पटन देवी, दोनों के अलग-अलग मंदिर हैं। पटना की नगर रक्षिका भगवती पटनेश्वरी (Pataneshwari) हैं जो छोटी पटन देवी के नाम से भी जानी जाती हैं। यहां मंदिर परिसर में मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की स्वर्णाभूषणों, छत्र व चंवर के साथ विद्यमान हैं। लोग प्रत्येक मांगलिक कार्य के बाद यहां जरूर आते हैं। इस मंदिर के पीछे एक बहुत बड़ा गड्ढा है, जिसे ‘पटनदेवी खंदा’ कहा जाता है।
दिवाली से जुड़े इस त्योहार के अवसर पर नए आभूषण खरीदने की प्रथा है। व्यापारी भी इस दिन अपने तिजोरी...



