Karva Chauth is a traditional Hindu festival, primarily celebrated by married women in India, especially in the northern and north-western states.
देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों को मनाने वाला त्योहार नवरात्र अब समाप्त होने वाला है। लेकिन इसका समापन दशहरा या...
हिंदू संस्कृति (Hindu Culture) में प्रति दिन सुबह सूर्य को जल देने की परंपरा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्यों देते हैं सूर्य को जल (Surya ko Jal) और क्या हैं इसके कारण।
कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धनवन्तरि अमृत कलश के साथ सागर मंथन से उत्पन्न हुए हैं।...
होली वाले दिन लगेगा साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण, जानें सूतक काल का समय और प्रभाव
उत्तराखंड (Uttarakhand) में गढ़वाल मंडल (Gharwal) के चमोली जिले में सोनप्रयाग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर मुंडकटिया मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहाँ बिना सिर के भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है।
संभवत: कम ही लोगों को यह जानकारी होगी कि हनुमानजी के कितने भाई थे। उनमें से भी सगे भाई कितने...
छपरा जिला मुख्यालय से महज दस किमी की दूरी पर स्थित पैराणिक गोदना, वर्तमान में रिविलगंज, के विषय में कम जानते होंगे। वस्तुत: यह क्षेत्र आरण्यक संस्कृति का प्रतिविम्ब है। घाघरा के तट पर यह स्थान ऋषि-मुनियों का साधना क्षेत्र रहा है। त्रेता युग में इसी स्थान पर महर्षि श्रृंगी के द्धारा कराए गए पुत्र्येष्टि यज्ञ के कारण ही प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था।
अयोध्या (Ayodhya) राम नगरी (Ram Nagri) के रूप में जाना जाता है, लेकिन अयोध्या की राम की पैड़ी खेत्र में स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर (Nageshwar Nath Mandir) भी है, जो पूरे देश में रहने वालों शिव भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है।
इस मंदिर को श्रीपुरम महालक्ष्मी के नाम से जाना जाता है। पूरा मंदिर शुद्ध सोने से निर्मित है और इसमें लगभग 15000 किलोग्राम शुद्ध सोने का प्रयोग हुआ है।साउथ का गोल्डन टेंपल कहलाने वाला यह मंदिर लगभग 100 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। रात को रोशनी में जगमगाते इस मंदिर को देखना अद्भुत होता है।
सावन (Sawan) माह भगवान शिव जी को बेहद प्रिय है। सावन में हर सोमवार का विशेष महत्व है। पुराणों के अनुसार महादेव को प्रसन्न करने के लिए सावन माह को सर्वाेत्तम माना गया है। मान्यता है कि जो भक्त सावन सोमवार व्रत (Sawan Vrat) रख भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूरे विधि विधान से पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं।
कुष्मांडा माता (Kushmanda Mata) एक हिंदू देवी हैं जिनकी हिंदू धर्म में पूजा की जाती है, खासकर नवरात्रि के त्योहार के दौरान।






