भगवान सूर्य (Bhagwan Surya) जिस सात घोड़े (Seven horses) वाले रथ पर सवार रहते हैं उसके संबंध में धार्मिक ग्रंथों...
भारत में कई ऐसे स्थान हैं, जिनका नामकरण वहां के कुल देवता या देवी के नाम पर हुआ है। बिहार (Bihar) के भोजपुर (Bhojpur) जिले का मुख्यालय आरा भी एक ऐसा ही शहर है, जिसका नामकरण अरण्य देवी (Aranya Devi) के नाम पर हुआ है। यहां के लोग इन्हें आरन देवी (Aaran Devi) भी कहते हैं।
सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव को उगते और डूबते दोनों तरह से अर्घ्य दिया जाता है।
लक्ष्मण लोकपाल मंदिर (Laxman Lokpal Mandir) उत्तराखंड (Uttarakhand) के गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) के पास (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। हेमकुंड साहिब के बर्फीले मैदान में लक्ष्मण मंदिर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस जगह पर लक्ष्मण ने अपने भाई श्रीराम के साथ 14 वर्ष वनवास में बिताए थे।
पूर्वजों की परंपरा, गोत्र, संस्कार, धन-संपदा से जीवन आगे बढ़ता है। उन्हीं पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है पितृपक्ष। भाद्रपद शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि से आश्विन कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृपक्ष माना जाता है।
‘कोरोना की पृष्ठभूमि पर गत कुछ महीनों से त्योहार-उत्सव मनाने अथवा व्रतों का पालन करने हेतु कुछ प्रतिबंध थे ।...
यदि कोई भक्त सावन के मंगलवार के दिन पर भगवान हनुमान की पूजा सच्ची श्रद्धा से करता है तो उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन हनुमानजी की पूजा-आराधना से देवाधिदेव भगवान शिव की भी कृपा प्राप्त होती है।
अनमोल कुमार महर्षि भृगु (Maharishi Bhrigu) भगवान ब्रह्मा जी (Lord Brahma) के मानस पुत्र कहे जाते हैं। महर्षि भृगु सप्तर्षि...
करवा चौथ भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व रखता है और इसे विवाहित जोड़ों के बीच प्रेम और भक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
तमिलनाडु के तंजावुर शहर में स्थित भगवान शिव का प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर (Brihadeeswarar Temple) है। एक हजार वर्ष पुराने बृहदेश्वर मंदिर को UNESCO World Heritage Site लिस्ट में विश्व धरोहर घोषित किया है। यह दुनिया में पहला और एकमात्र ऐसा मंदिर है जो पूरी तरह ग्रेनाइट पत्थरों से बना हुआ है।
हिन्दू धर्म में पंचदेव की पूजा रोज करनी चाहिए। इनमें गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, मां दुर्गा और सूर्यदेव शामिल हैं। रोज सुबह सूर्यदेव (Suryadev) के दर्शन करने से कुंडली के सूर्य और अन्य ग्रहों के दोष दूर हो सकते हैं। सूर्य साक्षात दिखाई देने वाले भगवान माने जाते हैं।
यह बात तो हम सभी जानते हैं कि भगवान श्री राम को 25 वर्ष की आयु में वनवास जाना पड़ा।...




