अनमोल कुमार शनिदेव (Shanidev) की 8 पत्नियों के बारे में कम लोगों को ही जानकारी होगी। ये भी मान्यता है...
जीवात्मा के पूर्वजन्मों कृत कर्म और संस्कार ही प्रारब्ध बनकर अगले जन्म में सुख-दुख के स्वरूप मे...
भगवान गणेश (Lord Ganesha) के एक ऐसे चमत्कारिक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी (Puducherry) में स्थित है। शास्त्रों में वर्णित इस मनाकुला विनायगर मंदिर (Manakula Vinayagar Temple) की विशेषता है यहाँ विराजमान चमत्कारी प्रतिमा, जिसे फ्रांसीसियों ने नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन हमेशा असफल रहे।
मंदिर परिसर में सूर्यदेव के अलावा शिव-पार्वती, विष्णु, भैरव, दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती आदि के भी छोटे-छोटे मंदिर हैं। सूर्य मंदिर के आधार पर इस गांव को आदित्यगांव भी कहा जाता है। मंदिर में लगी सूर्य की मूर्ति सबसे बड़ी है। इस मूर्ति में भगवान सूर्यनारायण सात अश्वों के एक चक्रीय रथ पर सुखासन में बैठे हैं जिनके दोनों हाथ कंधे तक उठे हैं।
माघ अमावस्या- 31 जनवरी 2022 सोमवार को सोमवती और 1 फरवरी 2022 मंगलवार को मौनी अमावस्या है। पूर्णिमा के दिन...
अयोध्या (Ayodhya) राम नगरी (Ram Nagri) के रूप में जाना जाता है, लेकिन अयोध्या की राम की पैड़ी खेत्र में स्थित प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर (Nageshwar Nath Mandir) भी है, जो पूरे देश में रहने वालों शिव भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है।
भगवान शिव कितने भोले हैं यह तो...
शास्त्रों में नौ के आंकड़े को पूर्णांक व शुभ माना जाता है, इसलिए पूजा विधि में नौ ग्रहों की स्थापना होती है। रंग भी नौ हैं जिन्हें नवरंग कहा जाता है। श्रीराम ने शबरी को नवधा (नौ प्रकार) भक्ति का ज्ञान दिया था। नौ रसों का भी जीवन में बड़ा महत्व है। यहां हम माता के नौ रूपों को नौ रंगों में प्रस्तुत कर रहे हैं।
एक बार लक्ष्मीजी (Laxmiji) , पार्वतीजी (Parvatiji) और सरस्वतीजी (Saraswatiji) को अपने पातिव्रत्य पर गर्व हो गया। भगवान को गर्व सहन नहीं होता है। उन्होंने इन तीनों के गर्वहरण के लिए एक लीला करने की सोची । इस कार्य के लिए उन्होंने नारदजी के मन में प्रेरणा उत्पन्न की।
भगवान विष्णु (Lord Vishnu) सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनकर्ता है। हिन्दू पुराणों में विष्णु जी को परमेश्वर के तीन मुख्य रूपों में से एक रूप माना गया है।
शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के इन सभी रूपों की वंदना करने से असीम सम्पदा और धन की प्राप्ति होती है।...
इस सूर्य मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि भगवान राम यहां पहुंचे थे और इस स्थान पर रुककर भगवान सूर्य को नमन किया था। भगवान राम की स्मृति में ही सूर्य मंदिर का यहां निर्माण कराया गया है।





