देवउठनी एकादशी का शुभ अवसर, जिसे प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस साल देवउठनी एकादशी का दिन 12 नवंबर को मनाया जाएगा।
शिवजी के अनन्य भक्त मृकण्ड ऋषि संतानहीन होने के कारण दुखी थे। विधाता ने उन्हें संतान योग नहीं दिया था।...
हर महीने दो एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat 2022) रखे जाते हैं एक कृष्ण पक्ष की एकादशी और दूसरी शुक्ल पक्ष...
श्री कृष्ण और रुक्मिणी श्री राम और सीता बनकर हनुमान जी के समक्ष गए। जैसे ही हनुमान जी ने श्री राम और माता जानकी को देखा वो बच्चे की तरह रोने लगे और उनके पैरों में गिर गए।
हिंदू धर्म में जगत के पालनहार माने जाने वाले भगवान विष्णु की पूजा के लिए एकादशी तिथि को सबसे उत्तम माना गया है। साल भर में पड़ने वाली तमाम एकादशी में देवशयनी और देवउठनी एकादशी तिथि का बहुत महत्व है।
महाभारत के एक खंड में दी गई जानकारी के अनुसार भगवान शिव, पार्वती और नारद जी के बीच हो रही बातचीत के दौरान बताया गया है कि शिव जी की तीसरी आंख कैसे उत्पन्न हुई थी और क्या है इसका रहस्य!
बजरंगबली (Bajrangbali) ने शनि महाराज (Shani Maharaj) को कष्टों से मुक्त कराया था और उनकी रक्षा की थी इसलिए शनि देवता (Shani Devta) ने यह वचन दिया था हनुमानजी की उपासना करने वालों को वे कभी कष्ट नहीं देंगे। शनि या साढ़े साती की वजह से होने वाले कष्टों के निवारण हेतु हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए।
देवताओं की सेना के सेनापति कार्तिकेय (Kartikeya) या मुरुगन भगवान (Lord Murugan) शिव और माता पार्वती के सबसे बड़े पुत्र हैं । हालांकि संपूर्ण भारत में ही कार्तिकेय की पूजा की जाती है
Chaitra Navratri 2022: नवरात्रि के दूसरे दिन आज मां के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां...
सरस्वती, जिसे शारदा के नाम से भी जाना जाता है, ज्ञान, संगीत, कला, भाषण, ज्ञान और विद्या की अनन्त देवी...
सूर्य देव ने देखा कि इतना सब के बाद भी समुद्र के जल स्तर में रत्ती भर की कमी नहीं आई थी और न ही स्वयं के तेज में। जबकि इस कार्य में सहयोगी हवा भी सोंधी महक से सुरभित हो गई थी।
Karva Chauth is a traditional Hindu festival, primarily celebrated by married women in India, especially in the northern and north-western states.





