विनायक, गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी (Ganesh ji) जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं। मान्यता है कि ऐसे गणपति बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं और उतनी ही जल्दी कुपित भी होते हैं।
सूर्य सर्वभूत स्वरूप परमात्मा है। ये ही भगवान् भास्कर, ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र बनकर जगत् का सृजन, पालन और संहार...
जिन पर माता लक्ष्मी की कृपा हो जाती है वह धन धान्य से परिपूर्ण हो जाता है। हर कोई उनका...
परवलपुर-एकंगरसराय रोड पर है एक छोटा सा गांव है मघड़ा सिद्धपीठ। सिद्धपीठ मघड़ा (Siddhpeeth Maghda) में शीतला माता मंदिर (Sheetla...
हनुमानजी (Hanuman ji) रावण (Ravan) की स्वर्ण नगरी लंका को जला कर राख करके चले जाते हैं और रावण उनका कुछ नहीं कर सका। वह सोचते-सोचते परेशान हो जाता है कि आखिर उस हनुमान में इतनी शक्ति आई कहां से?
वाराणसी (Varanasi) में काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) के अलावा मां दुर्गा (Maa Durga) का भी एक दिव्य और पुरातन मंदिर भी है। लाल पत्थरों से बने इस मंदिर में माता के कई स्वरूपों का दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है। इसकी भव्यता ऐसी है कि कहा जाता है कि मंदिर परिसर में जाने वाले भक्त मां की प्रतिमा को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। मंदिर में एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह महसूस होता है।
सूर्यदेव (Suryadev) एक ऐसे देवता जिनके साक्षात दर्शन हमें प्रतिदिन नसीब होते हैं। जिनके प्रताप से ही हम समय की खोज कर सके हैं। जिन्हें समस्त ग्रहों का राजा माना जाता है। जिन्हें आदित्य, भास्कर, मार्तण्ड आदि अनेक नामों से जाना जाता है।
इस मंदिर को गणपतिपुले मंदिर (Ganpatipule temple) के नाम से जाना जाता है और यह मंदिर रत्नागिरि जिले में स्थित है। मंदिर आश्चर्यजनक रूप से 400 साल पुराना है।
भोजपुर जिला के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत बखोरापुर में है भव्य मां काली मंदिर (Bakhorapur Kali Temple)। अपनी भव्यता व विस्तृत क्षेत्रफल में फैलाव के कारण यह मंदिर भक्तों व पर्यटकों को भाने लगा है।
हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु के शालीग्राम स्वरूप और माता तुलसी का...
आप पद्मनाभ स्वामी मंदिर में स्थापित श्री विष्णु की प्रतिमा की तस्वीर के दर्शन अवश्य करे। इसके पीछे मान्यता है कि अगर जिसने पद्मनाभ स्वामी मंदिर में श्री विष्णु भगवान जी के दर्शन कर लिए, तो उसपर पूरी जिंदगी विष्णु भगवान की कृपा बनी रहेगी और धन की कमी नहीं रहेगी।
उर्मिला के विषय में उसकी निद्रा बड़ी प्रसिद्ध है जिसे "उर्मिला निद्रा" (Urmila Nidra) कहा जाता है। अपने 14 वर्ष के वनवास में लक्ष्मण एक रात्रि के लिए भी नहीं सोये।







