सूर्य को रोज अर्घ्य देना बेहद शुभ माना जाता है। क्योंकि भगवान सूर्य यश-मान-सम्मान बढ़ाते हैं। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ...
तमिलनाडु के तिरुवरुर जिले में भगवान गणेश (Lord Ganesha) का आदि विनायक मंदिर (Vinayak Mandir) अपनी खासियत और पौराणिक महत्व के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर दूसरे मंदिरों से बिल्कुल अलग है। जहां हर मंदिर में भगवान गणेश गज रूप में विराजमान हैं, तो वहीं इस मंदिर में भगवान की पूजा इंसान के रूप में की जाती है।
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन (Ujjain) में महाकाल (Mahakaal) के बाद हरसिद्धि माता (Harsiddhi Mata) की पूजा की जाती...
भक्त वत्सल्य भगवान श्री गणेश के बारे में कई पौराणिक कथाएं वर्णित हैं। इन्हीं में से एक है भगवान जगन्नाथ की कथा। जिसमें प्रभु जगन्नाथ ने श्री गणेश जी का रूप धारण कर भक्त को दर्शन दिए थे।
झारखंड (Jharkhand) राज्य में दिउड़ी (Diuri Mandir) की मां भगवती प्राचीन महिमामयी देवीस्थानों में से एक मानी जाती हैं। यह...
भगवान शिव की बात सुनकर पार्वती मुस्कुरा उठी और कहा कि प्रभु आपकी इच्छा को पूर्ण करने के लिए मैं अवश्य मृत्यु लोक में पुरुष के रूप में अवतरित होऊंगी। आपकी प्रसन्नता के लिए मैं पृथ्वी पर वासुदेव के घर पुरुष के रूप में जन्म लूंगी, लेकिन महादेव आपको भी मेरी प्रसन्नता का ध्यान रखना होगा।
नई दिल्ली: 19 नवम्बर, 2021 (28 कार्तिक, शक संवत 1943) को आंशिक चंद्र ग्रहण घटित होगा । भारत में चंद्रोदय...
कार्तिक माह में हिन्दू मान्यता के अनुसार बहुत से त्यौहार मनाये जाते है। अलग अलग क्षेत्र, समुदाय के लोग अलग...
माँ कात्यायनी को अक्सर शेर पर सवार, चार भुजाओं वाली एक उग्र और शक्तिशाली देवी के रूप में चित्रित किया गया है। उन्हें आमतौर पर एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल पकड़े हुए दिखाया जाता है, जबकि अन्य दो हाथ सुरक्षा और वरदान देने की मुद्रा में होते हैं।
सोने की लंका पार्वती जी ने ही बनवाई थी, जानें पूरी गाथा
शंकर भगवान (Bhagwan Shankar) की एक बहन भी थी अमावरी। जिसे माता पार्वती की जिद पर खुद महादेव ने अपनी माया से बनाया था। भगवान शिव और माता पार्वती का एक ही पुत्र था, जिसका नाम था कार्तिकेय।गणेश भगवान तो मां पार्वती ने अपने उबटन (शरीर पर लगे लेप) से बनाए थे।
माँ चंद्रघंटा (Maa Chandraghanta) देवी दुर्गा (Devi Durga) के नौ रूपों में से एक है, जिनकी पूजा नवरात्रि उत्सव के दौरान की जाती है।




