भद्रा पृथ्वी पर नहीं पाताल लोक में, प्रतिपदा तिथि में नहीं बांधी जाती राखी
हनुमान जी के कई स्थानों पर पदचिह्न भी बताए जाते है। ऐसे में हनुमानजी के ये पैरों के निशान के दर्शन करना अपने आप में अद्भुत अनुभव होता है। आइए जानते हैं कहां-कहां भगवान हनुमानजी ने धरती पर अपने कदम रखे थे, जहां उनके पैरों के निशान बन गए। उनमें से कुछ प्रमुख पदचिह्नों के बारे में तस्वीरों सहित संक्षिप्त में जानें।
भुवनेश्वर: ओडिसा के पुरी में बाट मंगला मंदिर स्थित है। यहां मंगला देवी कमल पर विराजमान वैष्णवी ठाकुर्नी का चतुर्भुज...
श्रवण माह में देवाधिदेव महादेव शिव आराधना का बड़ा महत्व है। इस दौरान जगह-जगह कांवड़ियों की लम्बी कतारें बम बम भोले के जयकारे लगाते हुए भोले बाबा को जल चढ़ाते है। आखिर, श्रद्धा से जुड़ी इस परंपरा की शुरुआत कब और किसने की? इस पर अलग-अलग मत है। यहां जानें कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) किसने शुरू की।
भगवान गणेश (Bhagwan Ganesh) को हर काम को शुरु करने से पहले पूजा जाता है। गणेश जी (Ganesh ji) बुद्धि...
जनकपुर जाते समय श्रीराम ने विश्वामित्र से पूछा-गुरुवार ! आप जिसके स्वयंवर में जा रहे हैं वह सीता (Sita) कौन...
वानर राज बालि प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाने पूर्व तट से पश्चिम तट और उत्तर से दक्षिण तटों में जाता...
अनमोल कुमार “अश्वदायि गोदायी धनदायि महाधने । धनं मे जुषतां देवि सर्वकामांश्च देहि मे ।। पुत्रपौत्र धनं धान्यं हस्त्यश्र्वाश्र्वतरी रथम्...
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को महापर्व छठ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्यदेव की...
हिंदू धर्म में जगत के पालनहार माने जाने वाले भगवान विष्णु की पूजा के लिए एकादशी तिथि को सबसे उत्तम माना गया है। साल भर में पड़ने वाली तमाम एकादशी में देवशयनी और देवउठनी एकादशी तिथि का बहुत महत्व है।
हमारे देश में सूर्योपासना के लिए प्रसिद्ध पर्व है छठ। मूलत: सूर्य षष्ठी व्रत होने के कारण इसे छठ कहा...
सूर्य को रोज अर्घ्य देना बेहद शुभ माना जाता है। क्योंकि भगवान सूर्य यश-मान-सम्मान बढ़ाते हैं। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ...

