शास्त्रों में बुधवार का संबंध बुध ग्रह के साथ-साथ भगवान शिव जी के पुत्र भगवान गणेश जी से है और...
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में नरसिंहगढ़ से 15 किलोमीटर दूर स्थित भगवान विष्णु का साका श्याम मंदिर (Saka Shyam Mandir) काफी प्रसिद्ध और प्राचीन माना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान विष्णु के दस अवतार एक साथ मौजूद है। जिनका एक अलग ही महत्व है।
पूरी दुनिया में मान्यता है कि काशी में 33 कोटि देवी-देवता के अलावा देवताओं के गुरु बृहस्पति विराजते है। मोक्ष नगरी काशी में इस गुरु बृहस्पति मंदिर की पौराणिक मान्यता है। अनादि काल से इस जीवंत मंदिर में स्वतः देव गुरु विराजते हैं। दरसअल सावन के इस पवित्र महीने में देव गुरु बृहस्पति (Guru Brihaspati) का सावन (Sawan) के पहले गुरुवार को हरियाली श्रृंगार (Hariyali Shringar) किया जाता है।
जनक के शासनकाल में एक व्यक्ति का विवाह हुआ। जब वह पहली बार सज-संवरकर ससुराल के लिए चला, तो रास्ते...
एक बार श्री कृष्ण और अर्जुन (Arjun) कहीं जा रहे थे। रास्ते में अर्जुन ने श्री कृष्ण से पूछा- हे प्रभु! एक जिज्ञासा है मेरे मन में, अगर आज्ञा हो तो पूछूँ ? तब श्री कृष्ण जी (Krishna ji) ने कहा-अर्जुन! तुम मुझ से बिना किसी हिचक, कुछ भी पूछ सकते हो। तब अर्जुन ने कहा कि मुझे आज तक यह बात समझ नहीं आई है। कि दान तो मैं भी बहुत करता हूँ, परंतु सभी लोग सूर्य पुत्र कर्ण (Karan) को ही सब से बड़ा दानी क्यों कहते हैं?
सूर्यदेव (Surya Dev) अकेले एक ऐसे देवता जिनके साक्षात दर्शन हमें प्रतिदिन होते हैं। जिनके प्रताप से ही हम समय की खोज कर सके हैं। जिन्हें समस्त ग्रहों का राजा माना जाता है। जिन्हें आदित्य, भास्कर, मार्तण्ड आदि अनेक नामों से जाना जाता है।
इस मंदिर को श्रीपुरम महालक्ष्मी के नाम से जाना जाता है। पूरा मंदिर शुद्ध सोने से निर्मित है और इसमें लगभग 15000 किलोग्राम शुद्ध सोने का प्रयोग हुआ है।साउथ का गोल्डन टेंपल कहलाने वाला यह मंदिर लगभग 100 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। रात को रोशनी में जगमगाते इस मंदिर को देखना अद्भुत होता है।
सुंदरकांड (Sunderkand) में हनुमानजी (hanumanji) सीता की खोज में समुद्र पार कर रहे थे तब सुरसा और सिंहिका नाम की...
यदि कोई भक्त सावन के मंगलवार के दिन पर भगवान हनुमान की पूजा सच्ची श्रद्धा से करता है तो उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन हनुमानजी की पूजा-आराधना से देवाधिदेव भगवान शिव की भी कृपा प्राप्त होती है।
वानर राज बालि प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाने पूर्व तट से पश्चिम तट और उत्तर से दक्षिण तटों में जाता...
अनमोल कुमार जब भगवान राम (Lord Rama) का प्राकट्य अयोध्या जी में हुआ तो सूर्य नारायण भगवान (Surya Narayan Bhagwan)...
सूर्यदेव की इस पुत्री से विवाह करने खुद पहुंचे थे श्री कृष्ण




