सूर्य की पूजा से जीवनशक्ति, मानसिक शांति, ऊर्जा और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। सूर्यदेव को उगते और डूबते दोनों तरह से अर्घ्य दिया जाता है।
सूर्यदेव के रथ को संभालने वाले इन सात घोड़ों के नाम हैं- गायत्री, भ्राति, उस्निक, जगति, त्रिस्तप, अनुस्तप और पंक्ति। कहा जाता है कि यह सात घोड़े एक सप्ताह के सात दिनों को दर्शाते हैं। यह तो महज एक मान्यता है जो वर्षों से सूर्य देव के सात घोड़ों के संदर्भ में प्रचलित है लेकिन क्या इसके अलावा भी कोई कारण है, जो सूर्यदेव (Suryadev) के इन सात घोड़ों की तस्वीर और भी साफ करता है।
अनमोल कुमार छंटे हुए तेज से विष्णु का सुदर्शन चक्र, अमोघ यमदंड, शंकर का त्रिशूल, काल का खड्ग, कार्तिकेय को...
अनमोल कुमार जब ब्रह्माजी भगवान विष्णु के नाभि कमल से उत्पन्न होकर सत्य ज्ञान प्रवृत्त हेतु हजारों वर्षों तक ध्यान...
कलयुग में बजरंग बली (Bajrangbali) हनुमानजी (Hanumanji) को हिन्दू धर्म में बड़ा ही शुभ और मंगलकारी माना गया है। मंगलवार को इनका पूजन करना बहुत शुभफलदायी मन जाता है।
भगवान श्री राम (Shri Ram) के परम भक्त हनुमान जी (Hanuman ji) के बारे में हम सब ने कई कथाएं...
शास्त्रों में सबसे ऊपर सूर्य देव का स्थान माना गया है। अगर सूर्य देव की पूजा की जाए तो कहा जाता है कि व्यक्ति के हर तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। सूर्य देव के कई नाम हैं। इन सभी नामों का महत्व अलग है।
सूर्य सर्वभूत स्वरूप परमात्मा है। ये ही भगवान् भास्कर, ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र बनकर जगत् का सृजन, पालन और संहार...
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार नारद मुनि (Narad Muni) का जन्म सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी की गोद से हुआ था।...
हम सब हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) पढते हैं, सब रटा रटाया। क्या हमें चालीसा पढते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं? बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो। तो लीजिए पेश है श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!
संभवत: कम ही लोगों को यह जानकारी होगी कि हनुमानजी के कितने भाई थे। उनमें से भी सगे भाई कितने...
श्री हनुमान जी को चोला चढाने से साधक को श्री हनुमान जी कृपा प्राप्त होती हैं ! ऐसा करने से...




