राष्ट्रीय

क्लाइमेक्स पर पहुंची सीमा-सचिन की प्रेम कहानी, इस हफ्ते चार्जशीट हो सकती है दाखिल!

देश-विदेश में सर्वाधिक चर्चित सीमा हैदर और सचिन मीना की प्रेम कहानी अपने चरमोत्कर्ष के करीब पहुंच गई है।

नई दिल्लीः देश-विदेश में सर्वाधिक चर्चित सीमा हैदर और सचिन मीना की प्रेम कहानी (Seema Haider and Sachin Meena love story) अपने चरमोत्कर्ष के करीब पहुंच गई है। सूत्रों की मानें तो पुलिस इसी हफ्ते मामले में चार्जशीट दाखिल कर सकती है। इसके बाद ही सीमा हैदर और सचिन मीना का भविष्य तय होगा।

3 जुलाई को लिया था हिरासत में
सीमा हैदर 13 मई को ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में सचिन मीना से मिलने के लिए पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। ग्रेटर नोएडा में वह अपनी पहचान छिपाकर पहुंची थी और करीब 1 महीने तक रबूपुरा, ग्रेटर नोएडा में ही थी। लेकिन मामला मीडिया में आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और रबूपुरा पुलिस ने 3 जुलाई को सीमा हैदर और उसके पति सचिन मीना, ससुर नेत्रपाल और सीमा हैदर के 4 बच्चों को हिरासत में लिया था।

7 जुलाई को कोर्ट ने दी थी जमानत
उन पर फर्जी आधार कार्ड रखने और अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने का आरोप था, हालांकि कोर्ट ने 7 जुलाई को सभी को जमानत दे दी थी, लेकिन उसके बाद सीमा हैदर मीडिया और प्राइम टाइम शो में लगातार सुर्खियां बनीं, जिसके बाद लोगों ने सवाल उठाए। उसके भारत में अवैध प्रवेश और आईएसआई से संपर्क के बाद इंटेलिजेंस की रिपोर्ट पर यूपी सरकार ने सीमा हैदर से जुड़े सभी मामलों की जांच यूपी एटीएस को सौंप दी।

पूछताछ के बाद शशर्त वापस छोड़ा
यूपी एटीएस द्वारा कई घंटों की पूछताछ के बाद, सीमा हैदर, उसके पति सचिन, 4 बच्चों और ससुर नेत्रपाल को एटीएस ने रबूपुरा में इस शर्त के साथ वापस छोड़ दिया कि सीमा हैदर और सचिन मीना एटीएस को सूचित किए बिना रबूपुरा से बाहर नहीं जा सकते।

पुलिस दाखिल कर सकती है आरोप पत्र 
सूत्रों की मानें तो सीमा हैदर के मामले में पुलिस इसी सप्ताह के भीतर आरोप पत्र दाखिल कर सकती है। हालांकि सीमा हैदर के आईएसआई कनेक्शन और पाकिस्तानी जासूस को लेकर चल रही अटकलों पर जांच एजेंसियों ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। अभी तक सरकार ने इस मामले पर कोई रुख नहीं अपनाया है लेकिन चार्जशीट के बाद ही तय होगा कि सचिन मीना और सीमा हैदर की प्रेम कहानी का अंजाम क्या होगा?

सीमा हैदर को डिपोर्ट नहीं किया जा सकता
मौजूदा मामले में सीमा हैदर को दोबारा गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है, अगर कोई धारा बढ़ती है जिसमें 7 साल से ज्यादा की सजा का प्रावधान है तो पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी, जिसके बाद कोर्ट सभी आरोपियों का सम्मन करेगी। जिसके बाद सभी आरोपियों को जमानत लेनी होगी, वहीं डिपोर्ट करने के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि जब तक सीमा हैदर से जुड़ा ये मामला भारत में चलता रहेगा, तब तक सीमा हैदर को वापस डिपोर्ट नहीं किया जा सकता।

सीमा हैदर और उसके बच्चें ने अवैध रूप से भारत की सीमा में प्रवेश किया गया है, इसलिए विवेचक न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर सीमा हैदर को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित घर में रखने की मांग कर सकता है। वहीं, अगर पुलिस सीमा हैदर से जुड़े मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं कर पाती है तो सीमा हैदर को पाकिस्तान निर्वासित किया जा सकता है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)