संयुक्त राष्ट्र की नेतृत्व में क्लाइमेट एंड क्लीन एयर कोएलिशन (जलवायु और स्वच्छ वायु गठबंधन) द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट...
क्लाइमेट सेंट्रल के इस विश्लेषण की मानें तो 14-16 जून, 2023 के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में चलने वाली तीन दिन रही मारक हीटवेव (Heat Wave) की संभावना जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण कम से कम दो गुना अधिक पाई गई।
फिलहाल प्रदूषण को लेकर जो भी नीतिगत निर्णय और कार्य किये जा रहे हैं, वे सभी सर्दियों के कुछ महीनों को ध्यान में रखकर ही हो रहे हैं। हालांकि सच्चाई यह है कि हम साल के ज्यादातर महीनों में वायु प्रदूषण के उच्च स्तरों की जद में होते हैं जिनका मानव स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि वायु प्रदूषण से निपटान के लिए नीतीयां सिर्फ सर्दियों को नहीं बल्कि गर्मियों के महीनों को भी ध्यान में रख कर बनाई जाएँ।
एक बेहद तेज़ घटनाक्रम में यूके की COP प्रेसीडेंसी ने ग्लासगो क्लाइमेट समिट के लिए फैसलों का एक नया मसौदा...
फ़िलहाल भारत में मानसून आ चुका है, लेकिन मिजाज़ बदले बदले से हैं इस मौसम की घटना के। वैसे भी...
इस ग्लासगो समझौते ने की पेट्रोल और डीजल वाहनों के लिए सड़क के अंत की शुरुआत दुनिया के चौथे सबसे...
परम्परागत कोयला बिजलीघरों के कारण बढ़ते प्रदूषण से उत्पन्न चिंताओं के बीच वैश्विक स्तर पर आशा की किरण के रूप...
दुनिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startups Ecosystem) या समुदाय के आकार की बात करें तो भारत, अमेरिका और चीन के बाद...
पिछला साल भले ही मानव इतिहास का सबसे गर्म साल रहा हो, लेकिन फ़िलहाल कई देशों में, 2021 की शुरुआत...
वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक साथ काम...
आने वाले समय में भारत के लिए वैश्विक पटल पर एक औद्योगिक शक्ति के रूप में उभर कर दिखने के...
औद्योगिक और आर्थिंक रूप से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य महाराष्ट्र के 18 नॉन अटेनमेंट शहरों के लिये प्रदूषण से...

