अध्ययन से पता चला है कि 2019 में 83 माइक्रोग्राम / क्यूबिक मीटर (मिलीग्राम / घन मीटर) की औसत वार्षिक जनसंख्या-भारित पीएम 2.5 के साथ, भारत में पीएम 2.5 को 9,79,700 मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
कार्बन उत्सर्जन में कटौती के बिना, आने वाले निकट भविष्य में गर्मी और उमस मानव सहनशीलता की सीमा को पार कर जाएगी।
जब ये संगठन मिलकर भी युद्ध न रोक सके तो इन संस्थाओं का आखिर क्या औचित्य है । क्या ये महज खानापूर्ति के लिए हैं । क्या अख़बार के पहले पन्नों पर छपने वाली इन संगठनों की बैठकों की हंसती मुस्कुराती तस्वीरें छलावा हैं जिसमें दुनिया भर के नेता शाँति की बातें करते दिखते हैं । जिनके जिम्मे दुनिया भर में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी है वो खुद टैंक, मिसाइल दागने में मशगूल हैं।
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में 140 माइक्रोग्रिड बनाने के लिए इस कंपनी को मिला आईआरईडीए से US$4 मिलियन का ऋण
पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और प्रदूषण (Pollution) के गंभीर परिणामों का सामना कर रही है, मगर भारत में...
हिन्द महासागर की बढ़ती गर्मी मॉनसून की बारिश को भी प्रभावित कर रही है। हिन्द महासागर की तेज़ी से गर्मी...
विशेषज्ञों की राय, रूपांतरणकारी दृष्टिकोण अपनाकर ठोस और तात्कालिक कदम उठाये जाएं
हर्ष के ही समान अनेक हिन्दुओं की इस प्रकार हत्या हो रही है। इन हिन्दुओं की हत्या रोकने के लिए हिन्दू समाज को अब संगठनशक्ति दिखानी होगी
कोरबा देश के 16% से अधिक कोयले का उत्पादन करता है। यह बिजली उत्पादन का केंद्र भी है, जिसकी थर्मल पावर क्षमता 6,428 मेगावाट है।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को लेकर हमारी वल्नरेबिलिटी और उसे ले कर हमारी एडाप्टेशन की क्षमताओं पर केन्द्रित संयुक्त राष्ट्र...
यह संभवत: पहला केंद्रीय बजट (Union Budget ) था जिसमें अपने शुरुआती वक्तव्य में किसी वित्त मंत्री (Finance Minister) ने...
विडंबना है कि जितना लोग अपनी स्कूटर, बाइक, कार की सेवा सुरक्षा पर ध्यान देते हैं, उतना अपने शरीर पर...
