वैश्विक स्तर पर शुद्ध ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के मामले में स्वास्थ्य क्षेत्र पांचवें स्थान पर है। ऐसे में देश की स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों को जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत संबोधित करने के महत्व पर चर्चा करने के लिए, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) के साथ साझेदारी में एशियाई विकास बैंक ने आज गोवा में G20 के लिए स्वास्थ्य कार्य समूह में एक साइड इवेंट का आयोजन किया।
जहाँ एक ओर COP26 को कोयले की काली हकीक़त को दुनिया के सामने लाने के लिए याद रखा जायेगा, वहीँ...
जंगलों में लगने वाली आग अब तक हमें अमेरिका और ब्राज़ील की याद दिलाती हैं। लेकिन अब, आग लगने की...
दुनिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startups Ecosystem) या समुदाय के आकार की बात करें तो भारत, अमेरिका और चीन के बाद...
साल 2021 की पहली छमाही में बढ़ती वैश्विक बिजली की मांग ने स्वच्छ बिजली में वृद्धि को पीछे छोड़ दिया,...
फिलहाल जब आप और हम भारत में भीषण गर्मी से त्रस्त हैं, जर्मनी के बॉन शहर में दुनिया भर के...
फ़िलहाल भारत में मानसून आ चुका है, लेकिन मिजाज़ बदले बदले से हैं इस मौसम की घटना के। वैसे भी...
दक्षिण एशिया में वायु प्रदूषण का संकट विकासशील देशों के लिए खास तौर से बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।...
इस वक़्त अगर आप इस ख़बर को पढ़ रहे हैं तो मतलब आपके पास बिजली की सप्लाई है। और इस...
दुनिया में अपनी तरह के इस पहले विश्लेषण में विश्व भर के हर राज्य और प्रान्त की जलवायु का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। इस रिपोर्ट में पाया गया है कि भारत के नौ राज्य जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के आठ नुकसानदेह प्रभावों से होने वाली क्षति के सबसे गम्भीर खतरे वाले दुनिया के टॉप 50 क्षेत्रों की सूची में शामिल हैं।
वर्षों से, श्रीलंका अपनी गैर-समावेशी विचारधारा के कारण गहरे संकट में चला गया है। बेहतर है कि भारत समय से अपना सबक सीख ले।
दुनिया में अक्षय ऊर्जा को अपनाने के प्रति बढ़ती होड़ के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर भविष्य के...


