दुनिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startups Ecosystem) या समुदाय के आकार की बात करें तो भारत, अमेरिका और चीन के बाद...
भारत अब अपने सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को 2030 तक 45 प्रतिशत तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध
धरती के 7,000 से अधिक शहरों में हुए वायु गुणवत्ता विश्लेषण ने पेश की परेशान करने वाली तस्वीर
उड़ीसा का एक ज़िला है अंगुल। यह ज़िला देश के 12% कोयला उत्पादन के लिए जिम्मेदार है और यहाँ उड़ीसा के कुल कोयला उत्पादन का 56 प्रतिशत कोयला उत्पादित होता है।
केंद्र और राज्य सरकारें सही दिशा में काम करें तो वर्ष 2026 तक वायु ऊर्जा देश की कुल स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में कर सकती है 23.7 गीगावॉट वृद्धि में मदद
Climate Change: दुनिया के हर कोने में न सिर्फ़ जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के प्रभावों को महसूस किया जा रहा...
चार्जिंग ढांचे को तेजी से विस्तार देना, वित्तीय समाधान पेश करना, अधिदेश (मैन्डेट) पेश करना और सम्बन्धित राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के अनुरूप सरकारी नीतियां बनाना ई-मोबिलिटी में तेजी लाने के लिये बेहद महत्वपूर्ण
भारत में हरित निवेश प्रवाह को ट्रैक करने के अपने तरह के एक पहले प्रयास को प्रस्तुत करती एक ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो फिलहाल देश में इस निवेश के प्रवाह की दशा और दिशा चिंताजनक है।
क्या है विद्युत संशोधन विधेयक 2022 में ख़ास, क्यों हो रहा है इसका विरोध, क्या कहना है विशेषज्ञों का?
गेटिंग एशिया टू नेट जीरो से संबंधित हाई लेवल पॉलिसी कमिशन का कहना है कि भारत जलवायु से संबंधित अपनी संकल्पबद्धताओं को पूरा करके और उन्हें बढ़ाकर वित्त संबंधी जोखिमों को खत्म कर सकता है और स्वच्छ ऊर्जा में रूपांतरण को बहुत बेहतर बना सकता है।
यह एक ज्ञात तथ्य है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून में कई परिवर्तन हुए हैं। राज्य द्वारा संचालित भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 2022 में 1902 के बाद से दूसरी सबसे बड़ी चरम घटनाएं देखी गई हैं। जबकि बाढ़ और सूखे की घटनाओं में वृद्धि हुई है, इस बात के और भी सबूत सामने आ रहे हैं कि ग्लोबल वार्मिंग भारतीय मानसून को कैसे प्रभावित कर रही है।
सस्टेनेबल मोबिलिटी नेटवर्क (sustainable mobility network) और सीएमएसआर कंसल्टेंट्स (CMSR Consultants) के एक ताजा सर्वे से जाहिर हुआ है कि उपभोक्ता वायु प्रदूषण (Air Pollution) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए ई-कॉमर्स तथा डिलीवरी कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाते हुए देखना चाहते हैं।
