आज का दिन ख़ास है। आज, सितंबर सात, को हर साल साफ हवा और नीले आसमान को समर्पित अंतर्राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मगर इस साल साफ हवा और नीले आसमान को मिलेंगे बोल और धुन।
भारत के तीन सबसे बड़े केंद्रीय राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम या पीएसयू- कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), NTPC, और भारतीय रेलवे (Indian Railway)- मिल कर स्वच्छ ऊर्जा बाजार का एक बड़ा हासिल कर सकते हैं और साथ ही देश को अपने जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने में भी मदद कर सकते हैं।
बेंगलुरु में हाल ही में हुई भीषण वर्षा के बाद हुई जल भराव की खबरों ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी। तमाम लोगों को अपना घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और इंटरनेट पर इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तमाम मीम्स और मज़ाक़ वायरल होते रहे। स्थिति वाकई कई मायनों में हास्यास्पद थी, मगर यह एक चिंता का भी विषय है। आखिर भारत के इस आईटी हब ने इस बाढ़ की वजह से कथित तौर पर 225 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया।
सौर ऊर्जा के प्रासंगिकता और उपलब्धता को बल देते हुए हस्क पावर सिस्टम्स ने EDFI ElectriFI के साथ ग्रामीण भारत में फैले 80 नए समुदायों में सोलर माइक्रोग्रिड लगाने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ़ जारी इस वैश्विक जंग में प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार एक शीर्ष भूमिका निभाई है। बदलती जलवायु के प्रति उनकी चिंता और इस संवेदनशीलता और सजगता का उदाहरण भारत की राष्ट्रीय विद्युत नीति के ताज़े मसौदे में साफ झलकता है।
पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए, विशेष रूप से वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए, पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के डीकार्बोनाइजेशन में बहुत तेज प्रगति की आवश्यकता है।
प्रधान मंत्री का संसदीय क्षेत्र बनेगा यूपी का पहला और देश का 7वां शहर जहां कार्बन क्रेडिट से होगी कमाई
भारत साल 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता (non-fossil power potential) को 500 गीगावाट (GW) तक पहुंचाएगा और इस लक्ष्य का आधा रिन्यूबल ऊर्जा (renewable energy) से हासिल किया जाएगा। साथ ही, उत्सर्जन में एक बिलियन टन की कमी और 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में 45% की कमी कि भी घोषणा मोदी जी ने की है।
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने साल 2050 तक नेट ज़ीरो एमिशन का स्तर हासिल करने का लक्ष्य तय करते हुए $ 5 बिलियन (लगभग 39,760 करोड़ रुपये) से अधिक के निवेश की योजना बनाई है।
गुतेरस का यह बयान बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान की यात्रा से लौटेने के बाद आया है और इस बयान ने साफ इशारा किया है कि पाकिस्तान के हालात और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) केंद्रीय मुद्दा रहेगा संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के उच्च-स्तरीय 77वें सत्र का।
जीवाश्म ईंधन आपूर्ति पर पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम, उत्पादन और संचय से होने वाले उत्सर्जन का पहला डेटाबेस हुआ प्रकाशित
अगर ऊर्जा क्षेत्र में कोयले पर निर्भरता चरणबद्ध तरीके से की जाती है कम तो साल 2050 तक हो सकती है बिजली की कीमत आधी
