मैंग्रोव वनों को दुनिया का "सबसे अधिक उत्पादक पारिस्थितिक तंत्र" करार देते हुए, भारत मंगलवार को मिस्र के शर्म अल-शेख में पार्टियों के सम्मेलन (COP27) के 27वें शिखर सम्मेलन में जलवायु के लिए मैंग्रोव गठबंधन (MAC) में शामिल हो गया। इस गठबंधन को यूएई, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान, स्पेन और श्रीलंका का समर्थन प्राप्त है।
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अगर एमिशन के मौजूदा स्तर बने रहे तो अगले नौ वर्षों के दौरान ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) में वृद्धि के डेढ़ डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर जाने की आशंका 50% तक बढ़ जाएगी।
ऊर्जा नामक इस संस्था ने किया वायु प्रदूषण, नागरिक मुद्दों, और शासन से संबंधित एक इच्छा सूची के साथ अपना घोषणापत्र जारी
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से गंभीर प्रभावों से बचने के लिए दुनिया को कोयले के जलने से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए तेजी से आगे आना चाहिए। ऐसा कुछ करने के लिए ज़रूरी है कि कोयले के स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों के लिए बड़े पैमाने पर वित्तपोषण को तेजी से बढ़ाया जाए और तत्काल नीति कार्रवाई सुनिश्चित कि जाए।
सोलर एनेर्जी के क्षेत्र में महिलाओं के लिए कमाई के अवसरों को बनाने की एक पहल को शुरू करते हुए केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामलों की मंत्री, निर्मला सीतारमण, ने कहा "अब देश का ध्यान महिला विकास से हटकर महिलाओं की अगुवाई में विकास पर केंद्रित हो गया है।
वैश्विक गठबंधन आर्थिक, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु चुनौतियों से निपटते हुए लक्ष्यों को कार्रवाई में बदलने और रिन्यूएबल ऊर्जा कार्यान्वयन अंतर को पाटने में निभाएगा प्रमुख भूमिका
तमाम वैश्विक संस्थानों और सरकारों के लिए नेट ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने को सुगम बनाते हुए इंटेरनैशनल स्टैंडर्ड्ज ऑर्गनाइज़ेशन, आईएसओ, ने आज बहुप्रतीक्षित नेट जीरो दिशानिर्देश प्रकाशित किए हैं।
इस बात में दो राय नहीं कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस एमिशन (Greenhouse Gas Emissions) में वृद्धि हुई है, लेकिन पिछले दशक के औसत के मुक़ाबले यह बहुत कम मात्रा में हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का तो मानना है कि रिन्यूबल बिजली उत्पादन और इलेक्ट्रिक वाहनों के तेजी से बढ़ते चलन ने एमिशन की इस वृद्धि के पैमाने को संभवत दो-तिहाई तक कम कर दिया है।
इसके साथ भारत हुआ उन 60 देशों की विशिष्ट सूची में शामिल जिन्होंने अब तक सौंपे हैं UNFCCC को अपनी रणनीति
संयुक्त राष्ट्र की 27वीं जलवायु वार्ता (27th Climate Talks), या कॉप 27 (COP 27), आज मिस्र में समाप्त हुई। जहां एक ओर इस सम्मेलन में जलवायु संकट (Climate Crisis) के सबसे कमजोर लोगों पर असर को कम करने पर अहम फैसले लिए गए, वहीं इस वार्ता में ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) के कारणों को दूर करने के लिए कुछ खास देखने या सुनने को नहीं मिला।
हालिया अध्ययन में पाया गया कि दिल्ली नगर निगम (MCD) के 94.8% अधिकारी वायु प्रदूषण के बारे में तो जानते थे, लेकिन राष्ट्रीय नीतियों और वायु प्रदूषण (Air Pollution) के स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में निगम के फील्ड कार्यकर्ताओं के बीच कम जानकारी थी।
