शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तरह की नमी की कमी से मानसून के दौरान भूमि और वायुमंडल के बीच कपलिंग प्रभावित होगी, जिससे मानसूनी वर्षा के पैटर्न में बदलाव आएगा।
भले ही तमाम देश कार्बन उत्सर्जन में कटौती का दम भर रहे हैं , लेकिन असलियत ये है कि उनकी...
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के ज्यादातर देश वायु गुणवत्ता सम्बन्धी पुराने मानकों का ही पालन करने में नाकाम...
जलवायु वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम द्वारा एक रैपिड एट्रिब्यूशन अध्ययन में पाया गया है कि जलवायु परिवर्तन ने अत्यधिक...
संयुक्त राष्ट्र की जलवायु मामलों की संस्था UNFCCC की ताज़ा रिपोर्ट निराश करने वाली है। इस रिपोर्ट की मानें तो...
भारत साल 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता (non-fossil power potential) को 500 गीगावाट (GW) तक पहुंचाएगा और इस लक्ष्य का आधा रिन्यूबल ऊर्जा (renewable energy) से हासिल किया जाएगा। साथ ही, उत्सर्जन में एक बिलियन टन की कमी और 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में 45% की कमी कि भी घोषणा मोदी जी ने की है।
ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के ताज़ा शोध नतीजे बताते हैं कि जहाँ एक और वैश्विक स्तर पर कोयला खादानों और कोयला बिजली...
फ़िलहाल थर्मल पावर प्लांट को वैज्ञानिक तरीके से डीकमिशन, या चलन से बाहर, करने के कोई प्रभावी दिशानिर्देश मौजूद नहीं।...
ऊर्जा नामक इस संस्था ने किया वायु प्रदूषण, नागरिक मुद्दों, और शासन से संबंधित एक इच्छा सूची के साथ अपना घोषणापत्र जारी
भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े 3000 से ज्यादा पेशेवर लोगों को शामिल कर जलवायु परिवर्तन पर किये गये अब...
ऐसा नहीं है कि इस तरह की लापरवाही पहली बार हुई है। सालों से इस तरह की लापरवाही होती आ रही है और सरकार एक जांच बैठाकर अपना पल्ला इस तरह दुर्घटनाओं से झाड़ लेती है और पब्लिक भी ऐसे कांडों को भूलकर फिर से अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाता है फिर किसी नई दुर्घटना के लिए।



