मिस्र के शर्म-अल-शेख में आगामी नवम्बर में आयोजित होने जा रहे संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी27) से पहले विशेषज्ञों ने क्लाइमेट जस्टिस पर खास जोर देते हुए कहा है कि अगर इस पहलू पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो सीओपी जैसे तमाम मंच बेमानी माने जाएंगे।
जीवाश्म ईंधन आपूर्ति पर पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम, उत्पादन और संचय से होने वाले उत्सर्जन का पहला डेटाबेस हुआ प्रकाशित
गुतेरस का यह बयान बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान की यात्रा से लौटेने के बाद आया है और इस बयान ने साफ इशारा किया है कि पाकिस्तान के हालात और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) केंद्रीय मुद्दा रहेगा संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के उच्च-स्तरीय 77वें सत्र का।
बेंगलुरु में हाल ही में हुई भीषण वर्षा के बाद हुई जल भराव की खबरों ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी। तमाम लोगों को अपना घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और इंटरनेट पर इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े तमाम मीम्स और मज़ाक़ वायरल होते रहे। स्थिति वाकई कई मायनों में हास्यास्पद थी, मगर यह एक चिंता का भी विषय है। आखिर भारत के इस आईटी हब ने इस बाढ़ की वजह से कथित तौर पर 225 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया।
प्रधान मंत्री का संसदीय क्षेत्र बनेगा यूपी का पहला और देश का 7वां शहर जहां कार्बन क्रेडिट से होगी कमाई
सस्टेनेबल मोबिलिटी नेटवर्क (sustainable mobility network) और सीएमएसआर कंसल्टेंट्स (CMSR Consultants) के एक ताजा सर्वे से जाहिर हुआ है कि उपभोक्ता वायु प्रदूषण (Air Pollution) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) से निपटने के लिए ई-कॉमर्स तथा डिलीवरी कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाते हुए देखना चाहते हैं।
दुनिया के पांच महाद्वीपों के 10 में 8 बड़े बिजनेस लीडर्स का मानना है कि ‘नेट जीरो’ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने और अर्थव्यवस्था को व्यापक तौर पर कार्बनमुक्त बनाने के लिए सशक्त नियमों की जरूरत है। यह निष्कर्ष हाल में ही किए गए एक सर्वे से निकलते हैं।
जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खिलाफ़ जारी इस वैश्विक जंग में प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार एक शीर्ष भूमिका निभाई है। बदलती जलवायु के प्रति उनकी चिंता और इस संवेदनशीलता और सजगता का उदाहरण भारत की राष्ट्रीय विद्युत नीति के ताज़े मसौदे में साफ झलकता है।
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने साल 2050 तक नेट ज़ीरो एमिशन का स्तर हासिल करने का लक्ष्य तय करते हुए $ 5 बिलियन (लगभग 39,760 करोड़ रुपये) से अधिक के निवेश की योजना बनाई है।
भारत के तीन सबसे बड़े केंद्रीय राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम या पीएसयू- कोल इंडिया लिमिटेड (CIL), NTPC, और भारतीय रेलवे (Indian Railway)- मिल कर स्वच्छ ऊर्जा बाजार का एक बड़ा हासिल कर सकते हैं और साथ ही देश को अपने जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने में भी मदद कर सकते हैं।
आज का दिन ख़ास है। आज, सितंबर सात, को हर साल साफ हवा और नीले आसमान को समर्पित अंतर्राष्ट्रीय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। मगर इस साल साफ हवा और नीले आसमान को मिलेंगे बोल और धुन।
Climate Change: दुनिया के हर कोने में न सिर्फ़ जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के प्रभावों को महसूस किया जा रहा...
