फिल्म आदिपुरुष के मेकर्स ने फिल्म के डायलॉग में बदलाव कर दिए हैं। अब आपको भगवान हनुमान के मुंह से “जलेगी भी तेरे बाप की…” जैसे डायलॉग सुनने को नहीं मिलेंगे।
एक आम लड़के की खास कहानी और रगों में जोश भर देनेवाली फ़िल्म चिड़ियाखाना ,अपने दूसरे हफ्ते में भी विशेष रूप से मुंबई, दिल्ली, पटना और मुजफ्फरपुर जैसे केंद्रों से सकारात्मक रिपोर्ट और दर्शकों की मजबूत प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं।ऐसे वक़्त में जहा बड़ी फिल्में थिएटर में 1 हफ्ते से ज्यादा टिकती नही हैं।
बॉलीवुड में इन दिनों ऐसे विषयों पर फिल्में भी बनाने की हिम्मत की जा रही है जो अनछुए रहे हैं।
आर माधवन की बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें भारतीय सिनेमा में अलग खड़ा कर दिया है।
संगीतकार दिलीप सेन, मॉडल्स व आयोजक रहे मौजूद
अभिनेता राजवीर शर्मा की बॉलीवुड में जबरदस्त वापसी होने जा रही है। एक साथ कर रहे हैं कई गानो और फिल्मों में एक्टिंग।
एक विवाह ऐसा भी, सिम्बा और हैप्पी न्यू ईयर जैसे फिल्मों में काम कर एक्टर सोनू सूद कई वर्षों से दर्शकों को खूब एंटरटेन कर रहे हैं।
आखरी गुलाम, अजूबा, विश्वात्मा जैसे कई फिल्म्स में काम कर चुकी एक्ट्रेस सोनम हालांकि काफी समय से फ़िल्म इंडस्ट्री से दूर हैं लेकिन एक्ट्रेस की दिलकश अदा उन्हें आज भी सभी को अपना दीवाना बनाने में उतनी ही कुशल हैं, जितना कि तब थी जब वह सिल्वर स्क्रीन पर अपनी एक्टिंग से अपना जादू दिखाती थी।
सुपरहिट मराठी फिल्म "सैराट" के बाद अब नागराज मंजुले और जियो स्टूडियोज़ मिलकर भारत को पहला ओलंपिक मेडल हासिल कराने वाले खिलाड़ी खाशाबा दादासाहेब जाधव के जीवन पर मराठी फिल्म बना रहे है।
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में दर्ज कराया केस
बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए अध्यात्म की महत्ता के बारे में लोगों को जागरूक करने की दिशा में शी (स्प्रिचुअलिटी फ़ॉर हेल्थ एंड एनवायरनमेंट) द्वारा लाइफ यात्रा मुम्बई कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया। यशवंतराव चव्हाण सेंटर
भोजपुरी फिल्मों में अपने कैरियर के शुरुआती दौर से जो सिर्फ प्रयोगात्मक फिल्में ही करते आया है उस अभिनेता का नाम है यश कुमार। जी हां यश कुमार ने इस भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री में तब से नए नए रूप में नई नई कहानियों पर काम किया है जब इस इंडस्ट्री में लोग एक तय परिपाटी पर सिर्फ मसाला फिल्में करने के लिए ही श्रम और संसाधन खर्च करते थे। और आज तो खैर ये प्रयोगधर्मिता की पाठशाला हो चुके हैं और नित नई नई कहानियों , नए नए किरदारों के साथ बेहतरीन फिल्में समाज के लिए दे रहे हैं।











