भारत की मेजबानी में इस साल गोवा में चौथी G20 एनर्जी ट्रांज़िशन वर्किंग ग्रुप (ETWG) की बैठक आयोजित की गयी। उम्मीद थी कि इस बैठक के नतीजे दुनिया को प्रदूषण मुक्त ऊर्जा व्यवस्था की ओर बढ्ने में मदद करेंगे।
फ्रांस गुरुवार से शुरू होने वाले इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन को आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण आर्थिक और जलवायु बैठकों की एक श्रृंखला से पहले विचारों को साझा करने के एक अवसर के रूप में देखता है।
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के अंतर सरकारी पैनल (IPCC) के सदस्य वैज्ञानिकों का। इन वैज्ञानिकों ने आज अपनी नवीनतम रिपोर्ट में साफ़ किया है कि अगर हम अब भी मौजूदा संसाधनों का सही रणनीतिक प्रयोग करते हैं तो जलवायु परिवर्तन की चोट के असर को काफ़ी कम कर सकते हैं।
कैम्ब्रिज इकोनोमेट्रिक्स (Cambridge Econometrics) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जीवाश्म-ईंधन (fossil fuel) से संबंधित चीजों, जैसे परिवहन और घरेलू...
सभी देश और वहाँ की स्वास्थ्य प्रणालियाँ COVID-19 महामारी के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों से उबर ही रही थीं कि ठीक तब ही रूस और यूक्रेन के संघर्ष ने एक वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया। और इस सब के साथ जलवायु परिवर्तन (Climate change) बेरोकटोक अपनी गति से बढ़ता चला जा रहा है।
पवन और सौर उत्पादन में वृद्धि 2022 की पहली छमाही में मांग वृद्धि के तीन-चौथाई से अधिक हो गई, जबकि बाकी मांग हाइड्रो से पूरी हुई। ऐसा होने से न सिर्फ जीवाश्म उत्पादन में संभावित 4% की वृद्धि रोकी जा सकी, बल्कि ईंधन लागत में $ 40 बिलियन अमरीकी डालर और 230 मीट्रिक टन CO2 एमिशन को रोका गया।
वैश्विक मामलों के थिंकटैंक ओडीआई की एक ताजा रिसर्च में यह बात सामने आई है कि निम्न और मध्यम आमदनी वाले देशों में जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) के खनन से संबंधित कर्ज के कुचक्र से वैश्विक स्तर पर एनेर्जी ट्रांज़िशन को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) से स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की तरफ बढ़ते रुझान और नेटजीरो (Net Zero) लक्ष्यों के प्रति भारत...
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पोन्सिबिलिटी के क्षेत्र की कंपनी एज़ यू सो और कॉर्पोरेट नाइट्स नाम की मीडिया और रिसर्च कंपनी ने आज कार्बन क्लीन 200 नाम की एक सूची का 10वां अपडेट जारी किया है।
अगर एमिशन के मौजूदा स्तर बने रहे तो अगले नौ वर्षों के दौरान ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) में वृद्धि के डेढ़ डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर जाने की आशंका 50% तक बढ़ जाएगी।
एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि जलवायु संकट (climate crisis) के बिगड़ते प्रभावों के बावजूद और यूक्रेन (Ukraine) पर रूस (Russia) के आक्रमण से उत्पन्न ऊर्जा संकट से पहले भी जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) के उत्पादन के लिए जी20 देशों की सरकारों का समर्थन 2021 में 64 बिलियन अमरीकी डालर की नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया था।
रिन्यूबल एनर्जी (renewable energy) नामक पत्रिका में हाल ही में प्रकाशित एक लेख से इस बात की प्रबल संभावना जाहिर हुई है कि दिल्ली वर्ष 2050 तक जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) से छुटकारा पाकर 100% अक्षय ऊर्जा पर निर्भरता का लक्ष्य हासिल कर सकती है। अपनी तरह के इस पहले शोध में दिल्ली जैसे उत्तर भारतीय महानगर में 100% अक्षय ऊर्जा प्रणालियों की तकनीकी साध्यता और आर्थिक व्यवहार्यता के बारे में बात की गई है।








