राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Program) ने आज चार साल पूरे कर लिए और इसमें अब तक ₹6897.06 करोड़ खर्च हो चुके हैं। मगर 2019 पहचाने गए कुछ शीर्ष प्रदूषित शहरों ने अपने पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में बस मामूली सुधार ही दर्ज किया है और यह अब भी केंद्र सरकार द्वारा स्थापित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सुरक्षित सीमा मानकों से अधिक स्तर पर हैं।
