हिंदू धर्म में मान्यता है कि साल में 15 दिन पितर पृथ्वी पर आते हैं और परिजनों द्वारा किए तर्पण (Tarpan), पिंडदान (Pinddaan) और श्राद्ध (Shradh) से तृप्त होते हैं। श्राद्ध पक्ष ((Shradh Paksha) को पितर दोष से मुक्ति पाने का खास अवसर माना जाता है। पितरों के आशीर्वाद से परिवार और घर फलता-फूलता है लेकिन यदि पूर्वज नाराज हो जाए तो कई पीढ़ियों तक पितृ दोष (Pitra Dosh) का दंश झेलना पड़ता है।
