मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की सच्चे मन से पूजा और सेवा करने वालों को वह कभी निराश नहीं करते और हर संकट से उन्हें बचाने स्वंय दौड़े चले आते हैं। यही वजह है कि मंगलवार व्रत का विशेष महत्व है।
वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब श्रीराम अयोध्या के राजा थे, तब एक दिन काल (मृत्यु) तपस्वी के रूप में अयोध्या आया। काल ने श्रीराम से अकेले में बात करने की इच्छा प्रकट की और कहा कि यदि कोई हमें बात करता हुआ देख ले तो वह आपके द्वारा मारा जाए।
भगवान राम और रावण के बीच युद्ध की कहानी को भी नवरात्रि से जोड़कर देखी जाती है। कहते हैं कि जिस वक्त श्री राम सीता को रावण से छुड़ाने के लिए युद्ध लड़ रहे थे। उस समय रावण पर विजय पाने के लिए भगवान श्री राम ने देवी दुर्गा का अनुष्ठान किया था, जो पूरे 9 दिनों तक चला था।
त्रेतायुग में भगवान श्रीराम (Shri Ram) की सहायता करने और दुष्टों का नाश करने के लिए देवाधिदेव महादेव भगवान शिव ने वानर जाति में हनुमान (Hanuman) के रूप में अवतार लिया था। हनुमान को भगवान शिव का श्रेष्ठ अवतार कहा जाता है।
अयोध्यानंदन श्रीराम (Shri Ram) को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी सीता (Sita) ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार...
Ram Navami: ‘चैत्र शुक्ल नवमी को ‘श्रीरामनवमी’ (Shri Ram Navami) कहते हैं । श्रीराम (Shri Ram) के जन्म के उपलक्ष्य...
रामभक्त हनुमान (Hanuman ji) हमेशा ही अपने आराध्य देव भगवान श्री राम (Shri Ram) के समीप ही रहा करते थे और भगवान राम भी हनुमान जी को पुत्रवत प्रेम किया करते थे। हनुमान जी के कारण ही मृत्यु के देवता काल देव राम जी के पास आने से डरते थे।
हनुमानजी रामचन्द्र जी को उदास देख उनके पास आये तथा उदासी का कारण पूछा। तब श्रीरामजी ने पूरी बात उन्हें बताई।
नेपाल से आए शिला से प्रभु श्रीराम (Shri Ram) की मूर्ति बनाए जाने पर विवाद खड़ा करने वाले तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगदगुरु गुरु परमहंस आचार्य (Jagadguru Guru Paramhans Acharya) ने अब मूर्ति बनाए जाने को लेकर सहमति जताई है
गोरखपुर: मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का पावन जीवन चरित्र समूची मानवता के...
भगवान श्री राम (Shri Ram) के परम भक्त हनुमान जी (Hanuman ji) के बारे में हम सब ने कई कथाएं...





