लखनऊ: चुनावी महाभारत के लिए अखिलेश कौरव सेना तैयार करने में जुटे हैं। जेल में दूत भेज कर माफिया मुख्तार अंसारी से मिन्नत करने के बाद अब अखिलेश अतीक अहमद से निहोरे की तैयारी में जुटे हैं। सपा के नेता लिस्ट लेकर अपराधियों और गुंडों की जेलों में तलाश कर रहे हैं। यह बातें शनिवार को कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कही।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के अपराधियों से लगाव और उनको साथ जोड़ने की छटपटाहट पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अखिलेश अपराधियों को इकट्ठा कर चुनाव के लिए कौरव सेना तैयार कर रहे हैं। जिसका आधार ही पाप,भ्रष्टाचार और कदाचार है। इसका विनाश तय है।
उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए अखिलेश मुख्तार और अतीक जैसे अपराधियों की शरण में हैं। यह तुष्टीकरण की उसी राष्ट्रघाती राजनीति का सबूत है जिसकी चर्चा अक्सर भाजपा करती है। अखिलेश का जिन्ना की तारीफ करना भी इसी की कड़ी थी। सुभासपा के मुखिया ओम प्रकाश राजभर मुख्तार से जेल में मिलने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कहने पर उनके दूत के रूप में गये थे।
सिद्धार्थनाथ ने कहा कि दो कथित महापुरुषों का मिलन ही इस बात का संकेत है कि इनकी राजनीति की दशा और दिशा क्या होगी। इनका गठबंधन, महाठगबन्धन है। इस नापाक गठबंधन के मंसूबे कभी पूरे होने वाले नहीं। अराजकता के वे दिन और दौर कभी नहीं लौटने वाले। क्योंकि सूबे की जनता ने अब जेल में बंद मुख़्तार सरीखे नेताओं को राजनीति से दूर करने का मन बना लिया है। अब मुख़्तार सरीखे नेता जेल में ही रहेंगे और ऐसे दागी नेताओं से नाता रखने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव तथा ओम प्रकाश राजभर जैसों को सूबे की जनता राजनीति के अपराधीकरण करने के लिए सबक सिखाएगी।