
Delhi GRAP New Rules 2026: दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP में कई अहम बदलाव किए हैं। संशोधित नियमों के तहत कुछ पाबंदियां अब पहले की तुलना में जल्दी लागू होंगी, जबकि कुछ वाहनों को मिली पुरानी छूट भी खत्म कर दी गई है।
नए नियमों का सबसे बड़ा असर अंतर-शहरी और अंतर-राज्यीय बसों, डीजल जनरेटर, माल ढोने वाले वाहनों और पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर पड़ेगा।
Stage-I से ही पुरानी बसों पर पाबंदी
संशोधित GRAP के तहत अब कुछ अंतर-शहरी और अंतर-राज्यीय बसों पर पाबंदी Stage-II के बजाय Stage-I से ही लागू होगी।
हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पड़ोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से दिल्ली-NCR आने वाली ऐसी बसों को अनुमति नहीं होगी, जो BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक मानकों को पूरा नहीं करती हैं।
इस बदलाव का सीधा असर दिल्ली-NCR आने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। GRAP Stage-I लागू होने पर पुराने डीजल बसों की उपलब्धता कम हो सकती है और यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली बसों को भी राहत नहीं
नए नियमों में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के तहत चलने वाली बसों और टेम्पो ट्रैवलर्स को मिली पुरानी छूट भी खत्म कर दी गई है। यानी केवल परमिट होने के आधार पर प्रदूषण मानकों से बाहर आने वाले वाहनों को दिल्ली-NCR में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
डीजल जनरेटर पर भी पहले से सख्ती
डीजल जनरेटर सेट पर लागू होने वाली पाबंदियों को भी GRAP Stage-II से हटाकर Stage-I में कर दिया गया है।
इसका मतलब है कि जैसे ही GRAP का पहला चरण लागू होगा, प्रदूषण फैलाने वाले डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर पहले की तुलना में जल्द सख्ती शुरू हो सकती है।
माल ढोने वाले वाहनों की छूट खत्म
संशोधित GRAP में जरूरी सामान ले जाने वाले कुछ BS-IV माल ढोने वाले वाहनों को मिलने वाली छूट भी खत्म कर दी गई है।
सख्त GRAP चरणों के दौरान अब ऐसे वाहनों पर पहले जैसी छूट नहीं मिलेगी। इसमें Stage-III के तहत हल्के और मध्यम माल ढोने वाले वाहन तथा Stage-IV के तहत ट्रक और भारी माल ढोने वाले वाहन शामिल हैं।
Stage-III के दौरान दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV और उससे नीचे के डीजल हल्के और मध्यम माल ढोने वाले वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर भी पाबंदियां लागू रहेंगी।
सोनीपत में भी पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर असर
CAQM ने पुराने यात्री वाहनों पर लागू पाबंदियों का दायरा भी बढ़ाया है।
BS-III पेट्रोल और BS-IV या उससे पुराने डीजल हल्के मोटर वाहनों पर Stage-III के दौरान लागू प्रतिबंध अब सोनीपत तक बढ़ाए गए हैं।
पहले ये प्रतिबंध दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में लागू थे।
इसलिए GRAP Stage-III के दौरान इन क्षेत्रों में वाहन चलाने वाले लोगों को अपने वाहन के BS मानक और लागू प्रतिबंधों की जानकारी जरूर रखनी होगी।
Stage-III में गड्ढे भरने का काम जारी रह सकेगा
GRAP Stage-III में निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर सख्ती जारी रहेगी, लेकिन सड़कों के गड्ढे भरने और जरूरी सड़क मरम्मत के काम को अनुमति दी जाएगी।
इसका उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के साथ-साथ जरूरी सड़क रखरखाव को जारी रखना है।
बड़ी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर दिखेगा PM10 और PM2.5
संशोधित नियमों के तहत 500 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्रफल वाली निर्माण और तोड़फोड़ साइट्स पर PM10 और PM2.5 प्रदूषण स्तर प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जा रही है।
इससे आम लोगों को अपने आसपास चल रही बड़ी निर्माण परियोजनाओं से होने वाले वायु प्रदूषण की स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।
CAQM ने NCR में निर्माण और तोड़फोड़ वाली साइट्स पर धूल नियंत्रण की निगरानी से जुड़े अपने पुराने निर्देशों में भी बदलाव किया है।
संशोधित GRAP में 48 एक्शन पॉइंट
संशोधित GRAP में कुल 48 एक्शन पॉइंट शामिल किए गए हैं। इनमें प्रदूषण के अलग-अलग स्तरों पर लागू होने वाले उपाय शामिल हैं।
CAQM ने हर GRAP चरण के लिए जारी किए जाने वाले Citizen Charter का दायरा भी बढ़ाया है। इसका उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि अलग-अलग प्रदूषण स्तरों पर कौन-सी पाबंदियां लागू होंगी और उन्हें किन सावधानियों का पालन करना चाहिए।
यात्रियों और वाहन मालिकों के लिए क्या जरूरी है?
नए GRAP नियमों के बाद दिल्ली-NCR में आने-जाने वाले लोगों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और कारोबारियों के लिए GRAP के लागू चरण पर नजर रखना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
खासकर सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने पर यात्रियों को बस सेवा प्रभावित होने, पुराने वाहनों पर प्रतिबंध और दिल्ली-NCR में प्रवेश से जुड़े नियमों की पहले से जानकारी रखनी चाहिए।
वाहन मालिकों को अपने वाहन का BS emission standard भी जांच लेना चाहिए, क्योंकि GRAP के Stage-II और Stage-III जैसे गंभीर चरणों में पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
2022 के बाद GRAP में यह पांचवां बड़ा संशोधन है। इस बार खास फोकस वाहनों से होने वाले प्रदूषण, धूल नियंत्रण और प्रदूषणकारी स्रोतों पर शुरुआती चरण से ही कार्रवाई करने पर है।
यानी अब दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने का इंतजार करने के बजाय कई उपाय GRAP के शुरुआती Stage-I से ही लागू किए जा सकेंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
