Delhi GRAP-1: दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले...
शहर में वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने की कोशिशों के तहत दिल्ली सरकार ने 'नो PUC, नो फ्यूल' पॉलिसी जारी रखने का फैसला किया है।
उच्च स्तर का हवा प्रदूषण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए कई तरह के जोखिम पैदा करता है, जिसमें कैंसर, हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियां, मधुमेह, मोटापा, और प्रजनन, तंत्रिका और प्रतिरक्षा प्रणालियों को प्रभावित करने वाले विकार शामिल हैं।
1 नवंबर, 2025 से, सिर्फ़ वही कमर्शियल गाड़ियां दिल्ली में आ सकेंगी जो BS-VI कम्प्लायंट हैं या CNG, LNG या बिजली से चलती हैं। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड पुरानी नॉन-BS6 कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री बैन है।
बढ़ते प्रदूषण के चलते दिल्ली के पर्यावरण मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोपाल राय ने घोषणा की कि दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से ही काम करेंगे।
मौसम विज्ञान संस्थान ने अपने दैनिक बुलेटिन में पूर्वानुमान लगाया है कि अगले छह दिनों तक वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ या ‘गंभीर+’ श्रेणी में रहेगी।
Delhi GRAP New Rules 2026: दिल्ली-NCR में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एयर क्वालिटी...
अपने अनुभव से सीखते हुए, भारत में चीनी दूतावास ने उन उपायों के बारे में बताया है जो बीजिंग ने अपनी हवा को साफ करने के लिए उठाए थे। जानिए क्या हैं वो उपाय?
शुक्रवार, 14 नवंबर को दिल्लीवासियों की सुबह राष्ट्रीय राजधानी में फैली ज़हरीली धुंध और धुंध के साथ हुई, क्योंकि वायु गुणवत्ता में सुधार के कोई संकेत नहीं दिखे।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गुरुवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 3 और 4 के तहत उपायों को रद्द कर दिया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सुबह 8 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 488 दर्ज किया, जिससे शहर खतरनाक 'गंभीर प्लस' श्रेणी में आ गया।
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता खराब हो रही स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने GRAP-4 के तहत सख्त प्रदूषण-रोधी उपायों के क्रियान्वयन में देरी के लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है।










