Delhi GRAP-1: स्कूल खुले रहेंगे या बंद? जानें पाबंदियां, क्या रहेगा लागू और किस पर रोक

Delhi GRAP-1: दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में पहुंचने के बाद ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के तहत प्रदूषण नियंत्रण के उपाय पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लागू कर दिए गए हैं। इन उपायों का उद्देश्य धूल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के संशोधित GRAP के अनुसार, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 201 से 300 के बीच पहुंचने पर चरण-I लागू किया जाता है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या स्कूल बंद होंगे और आम लोगों की दिनचर्या पर क्या असर पड़ेगा?

NCR में स्कूल खुले रहेंगे या बंद?
GRAP के चरण-I के तहत दिल्ली-NCR के स्कूल सामान्य रूप से खुले रहेंगे। इस चरण में स्कूल बंद करने या ऑनलाइन अथवा हाइब्रिड कक्षाएं अनिवार्य करने का कोई सामान्य निर्देश नहीं है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अलग आदेश जारी होने पर स्थिति बदल सकती है।

प्रदूषण का स्तर गंभीर होने पर स्कूलों के लिए अतिरिक्त उपाय लागू किए जा सकते हैं:

  • GRAP चरण-III: AQI 401–450 होने पर दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए, जहां संभव हो, हाइब्रिड कक्षाओं का विकल्प लागू किया जा सकता है।
  • GRAP चरण-IV: AQI 450 से अधिक होने पर हाइब्रिड शिक्षा का दायरा कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 तक बढ़ाया जा सकता है। राज्य सरकारें परिस्थितियों के अनुसार कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को लेकर भी आपातकालीन फैसले ले सकती हैं।

इसलिए, केवल GRAP-I लागू होने के कारण स्कूलों को बंद मानना सही नहीं होगा। अभिभावकों को अपने स्कूल और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचनाएं भी देखनी चाहिए।

GRAP-I के तहत किन गतिविधियों पर रोक है?

  1. खुले में कचरा और बायोमास जलाना
    खुले में कचरा, पत्तियां, बायोमास या नगरपालिका का ठोस कचरा जलाने पर प्रतिबंध है। लैंडफिल और डंपिंग साइटों पर कचरा जलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
  2. होटल और रेस्तरां में कोयले या लकड़ी के तंदूर
    होटलों, रेस्तरां और खुले भोजनालयों में कोयले या लकड़ी से चलने वाले तंदूर के इस्तेमाल पर लागू प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करना होगा। स्वीकृत स्वच्छ ईंधन और बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  3. प्रदूषण फैलाने वाले वाहन
    पुराने वाहनों और प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों पर लागू नियमों का पालन अनिवार्य है। हालांकि, वाहनों पर प्रतिबंध उनकी श्रेणी, ईंधन, आयु और संबंधित सरकारी या न्यायिक आदेशों पर निर्भर करता है। केवल GRAP-I लागू होने से हर पुराने वाहन पर स्वतः एक जैसा प्रतिबंध नहीं लगता।
  4. दिल्ली से न गुजरने वाले ट्रक
    दिल्ली से होकर जाने की जरूरत नहीं रखने वाले ट्रकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों, जैसे ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, की ओर डायवर्ट किया जा सकता है। संबंधित यातायात और प्रदूषण नियंत्रण आदेशों का पालन जरूरी है।
  5. अंतरराज्यीय बसों के लिए नियम
    दिल्ली-NCR में आने वाली अंतरराज्यीय बसों को लागू ईंधन और वाहन मानकों का पालन करना होगा। संबंधित नियमों के तहत इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI डीजल बसों को प्राथमिकता दी जाती है। बसों की अनुमति उनके मार्ग और लागू सरकारी निर्देशों पर निर्भर करेगी।
  6. निर्माण कार्य और धूल नियंत्रण
    निर्माण एवं विध्वंस (C&D) कार्यों में धूल नियंत्रण के उपायों का पालन करना जरूरी है। निर्धारित आकार के भूखंडों पर निर्माण परियोजनाओं का संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण भी आवश्यक हो सकता है। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
  7. डीजल जनरेटर (DG सेट)
    डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर GRAP और संबंधित उत्सर्जन नियमों के तहत पाबंदियां लागू हो सकती हैं। आपातकालीन सेवाओं और निर्धारित मानकों के अनुरूप उपकरणों के लिए अलग प्रावधान हो सकते हैं। इसलिए DG सेट चलाने से पहले लागू दिशा-निर्देशों की जांच करना जरूरी है।

GRAP-I में किन चीजों की अनुमति है?

निर्माण कार्य, लेकिन धूल नियंत्रण के साथ
निर्माण और विध्वंस कार्यों की अनुमति लागू नियमों के अधीन है। निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखना, ढके हुए वाहनों में परिवहन करना तथा जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करना धूल नियंत्रण के महत्वपूर्ण उपाय हैं।

स्वच्छ ईंधन वाले जनरेटर और रसोई उपकरण
लागू मानकों और छूट के अनुरूप जनरेटर सेट इस्तेमाल किए जा सकते हैं। व्यावसायिक रसोई और भोजनालयों में बिजली, PNG तथा अन्य स्वीकृत स्वच्छ ईंधन वाले उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है।

मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन
दिल्ली मेट्रो और RRTS जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के सामान्य संचालन पर GRAP-I के कारण अपने आप रोक नहीं लगती। पात्र बस सेवाएं भी लागू नियमों के अनुसार चल सकती हैं। कार्यालयों को कार-पूलिंग और साझा परिवहन जैसे विकल्प अपनाने की सलाह दी जा सकती है।

दिल्ली-NCR के लोगों को क्या करना चाहिए?
प्रदूषण को कम करने के लिए लोगों को निजी वाहनों का अनावश्यक इस्तेमाल कम करना चाहिए, सार्वजनिक परिवहन अपनाना चाहिए और खुले में कचरा जलाने से बचना चाहिए। निर्माण स्थलों, रेस्तरां और वाहन मालिकों को भी लागू प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करना चाहिए।

निष्कर्ष: GRAP-I लागू होने का मतलब यह नहीं है कि दिल्ली-NCR में स्कूल बंद हो जाएंगे या सभी निर्माण कार्य रुक जाएंगे। स्कूल सामान्य रूप से खुले रह सकते हैं, जबकि निर्माण, वाहनों, तंदूर और जनरेटर से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है। किसी भी नए प्रतिबंध के लिए CAQM, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक आदेश देखें।