छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता अभियान

रायपुर: यातायात नियमों के पालन के लिए जनजागरूकता लाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस रायपुर द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 18 जनवरी से शुरू हुए एक माह का यह अभियान 17 फरवरी तक चलेगा। इसके पूर्व वर्षाें में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता था। इसकी अवधि में […]

रायपुर: यातायात नियमों के पालन के लिए जनजागरूकता लाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस रायपुर द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 18 जनवरी से शुरू हुए एक माह का यह अभियान 17 फरवरी तक चलेगा। इसके पूर्व वर्षाें में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता था। इसकी अवधि में वृद्धि की गई है, ताकि जन मानस में यातायात नियमों के प्रति अधिक सजगता आ सके। मानव जीवन अनमोल है, इसलिए हमें जीवन के महत्व को समझना चाहिए। जीवन की सुरक्षा के लिए सड़क का प्रयोग करने वाले सभी व्यक्तियों को यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है। सड़क दुर्घटनाएं यातायात नियमों का पालन नहीं करने से घटित होता है। इन हादसों में सबसे अधिक युवा वर्ग प्रभावित होता है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग, नगर निगम, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से यातायात इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेंट, इमरजेंसी में सुधार कार्य लगातार किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर प्रदेश के मध्य में स्थित है। राजधानी रायपुर की सीमाएं दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार एवं बेमेतरा जिले को छूती है। राजधानी रायपुर के मध्य से राष्ट्रीय राज मार्ग 53 एवं 30 गुजरती है। छत्तीसगढ़ का एकमात्र राष्ट्रीय विमानतल रायपुर जिला में स्थित है। राजधानी होने से अन्य राज्यों व केन्द्र से विशिष्ट व्यक्तियों का आवागमन लगातार बना रहता है। रायपुर जिले की जनसंख्या लगभग 22 लाख है तथा पंजीकृत वाहनों की संख्या लगभग 16 लाख है। राजधानी बनने के बाद तेज गति से हो रहे औद्योगीकरण एवं नगरों के विस्तार, शिक्षा के क्षेत्र में विकास के साथ साथ रायपुर शहर में यातायात का दबाव काफी बढ़ा है। सरल, सुगम एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के लिए सड़कों का चौड़ीकरण होना आवश्यक है वहीं यातायात शिक्षा आज के परिप्रेक्ष्य में अत्यंत आवश्यक है। रायपुर पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, आम नागरिकों को यातायात के प्रति जागरूक करने एवं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने लगातार प्रयत्नशील है। राजधानी रायपुर को स्मार्ट सिटी, स्मार्ट ट्राफिक बनाने की दिशा में अग्रसर है। शहर में आईटीएमएस प्रणाली के तहत विभिन्न चौक चौराहों में स्मार्ट सिगनल के साथ-साथ हाइटेक कैमरे लगाये गये है जिसके संचालन से यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ साथ यातायात नियमों के उल्लंघनकर्ताओं पर निरंतर कार्यवाही की जा रही है।

राजधानी रायपुर क्षेत्र में लगातार यातायात दबाव बढ़ने से सड़क हादसों की संख्या में वृद्धि हो रही है। 500 मीटर की लम्बाई का वह स्थान जहां कम से कम 5 ऐसी सड़क दुर्घटनाएं 3 वर्षाें में घटित हुई है, जिसमें या तो व्यक्ति गंभीर घायल हुए है या मृत्यु हुई है। ऐसे 9 स्थानों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित किया गया है। इनमें टाटीबंध चौक (टाटीबंध चौक से सरोना ओव्हर ब्रिज), पिन्टु ढ़ाबा छेरीखेड़ी ओव्हर ब्रिज, रिंग रोड़ नंबर 3 से जिंदल टर्निंग, मदिरा हसौद बस स्टेंड चौक, महात्मा गांधी सेतु महानदी पारागांव, धनेली नाला से मेटल पार्क टर्निंग तक, भनपुरी तिहारा से यातायात थाना भनपुरी तक, गड़रिया नाला से ग्राम बेमता तक और सिंघानिया चौक से दैनिक भास्कर प्रेस कार्यालय तक शामिल हैं। यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस द्वारा ट्राफिक मितान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत यातायात नियमों के पालन करने वाले वाहन चालकों की आई.टी.एम.एस. के कैमरे से पहचान कर उनकों प्रोत्साहित करने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।

सड़क दुर्घनाओं को रोकने के लिए अनुशासित यातायात नियमों, मानकों तथा संकेतों का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है। इसके तहत मुख्यतः क्या करें और क्या नहीं करें पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सुरक्षित यातायात के लिए हमेशा आई.एस.आई मार्क का हेलमेट ही उपयोग करें। ड्राइविंग करते समय टैªफिक नियमों का पालन करें। वाहन सुरक्षित रूप से चलाए और राहगीरों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में चौकन्ने रहें। टर्न लेते समय, लेन बदलते समय, रूकते समय, धीमें करते समय हमेशा सही सिग्नल दें। ड्राइविंग करते समय आगे वाले वाहन से उचित दूरी बनये रखें। ड्राइविंग करते समय अपने पीछ वाले वाहन की स्थिति जानने के लिए रियर व्यू मिरर का इस्तेमाल करें।  ड्राइविंग करते समय एम्बुलेंस और पुलिस को पहले जाने दें। हमेशा सड़क जेब्राकॉसिंग से ही पार करें। हाईवे पर मिलने से पूर्व एक बार रूक कर दाएं देखकर ही मिले। सुरक्षित यातायात के लिए ड्राइविंग करते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें। ट्रैफिक सिग्नल न तोड़े। बिना जरूरत हॉर्न न बजाएं। शराब पीकर या अन्य नशा कर ड्राइविंग न करें। कम उम्र के बच्चे को ड्राइविंग हेतु प्रोत्साहित न करें। बच्चों को सड़क पर खेलने के लिए अनुमति न दें। दुपहिया वाहन पर तीन व्यक्ति न बैठाएं। लालबत्ती को पार न करें। स्कूल बस और आटो वेन आदि में क्षमता से अधिक न बैठाएं। थकान या तनावग्रस्त होने पर ड्राइविंग न करें। अवैध यात्री वाहनों में यात्रा न करे।

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