राजस्थान के सवाई माधौपुर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर रणथंभौर के किले में बना यह गणेश मंदिर की स्थापना
श्री चिंताहरण गणेश जी की ऐसी अद्भुत और स्वयंभू अलौकिक प्रतिमा देश में शायद ही कहीं होगी। भक्त की इच्छा पूर्ण करने वाले, इच्छामण, सिद्धि देने वाले सिद्धिविनायक के साथ समस्त चिंता को दूर करने वाले चिंतामण गणेश जी विराजमान है। इनका श्रृंगार सिंदूर से किया जाता है।
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के चार पवित्र स्थलों की तीर्थयात्रा, चार धाम यात्रा, भक्तों के लिए बहुत महत्व रखती है, जो 10 मई से शुरू होने वाली है। यात्रा का सारा विवरण जैसे हेलीकॉप्टर बुकिंग किरायाए हेल्पलाइन नम्बर आदि का विवरण यहां देखेंः
भगवान सूर्य की आराधना करने वाले मनुष्य को राग-द्वेष, झूठ और हिंसा से दूर रहना चाहिए
शास्त्रों में प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी (Ganesh ji) की पूजा बुधवार करने का विधान है। वैसे तो भगवान गणेश...
सनातन परम्परा के अनुसार हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की हस्त नक्षत्र युक्त तृतीया तिथि को हरतालिका तीज...
बिहार की मधुबनी जिले के मंगरौनी ग्राम में ऐसा अद्भुत श्री श्री 108 एकादश रूद्र महादेव मंदिर है। यह मधुबनी...
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पुराणों में देवी लक्ष्मी की उत्पत्ति के बारे में कई सारी अलग अलग बातें लिखी गई है। देवी लक्ष्मी की...
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महाशिवरात्रि (Mahashivratri) दक्षिण भारत एवं महाराष्ट्र में शक संवत् कालगणनानुसार माघ कृष्ण चतुर्दशी तथा उत्तर भारत में विक्रम संवत् कालगणनानुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को आती है।


