शास्त्रों में सूर्य को प्रत्यक्ष देव माना जाता है। जिनके दर्शन हर कोई कर सकता है। सूर्य के बिना पृथ्वी...
प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के एक दिन बाद तुलसी विवाह का पर्व मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार द्वादशी तिथि 24 नवंबर 2023 दिन शुक्रवार को पड़ रही है
लक्ष्मण लोकपाल मंदिर (Laxman Lokpal Mandir) उत्तराखंड (Uttarakhand) के गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) के पास (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। हेमकुंड साहिब के बर्फीले मैदान में लक्ष्मण मंदिर स्थित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस जगह पर लक्ष्मण ने अपने भाई श्रीराम के साथ 14 वर्ष वनवास में बिताए थे।
Varuthini Ekadashi 2022: इस साल वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) आज मंगलवार 26 अप्रैल को है। मंगलवार को एकादशी (Ekadashi) होने...
विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन है। विजया एकादशी हिंदू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह की...
सनातन धर्म में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण का देवता माना जाता है। इंजीनियरिंग और कला के देवता भगवान विश्वकर्मा जयंती...
भगवान सूर्य की आराधना करने वाले मनुष्य को राग-द्वेष, झूठ और हिंसा से दूर रहना चाहिए
उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) का व्रत मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस साल यह व्रत 20 नवंबर को रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखने से मनुष्यों के पिछले जन्म के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। उत्पन्ना एकादशी व्रत के प्रभाव से जातक को संतान सुख, आरोग्य और जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है। इस साल उत्पन्ना एकादशी का व्रत बेहद खास रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार उत्पन्ना एकादशी पर एक नहीं बल्कि पांच-पांच शुभ योग बन रहे हैं।
17 अक्टूबर को मनाई जाने वाली वाल्मीकि जयंती 2024, श्रद्धेय ऋषि और रामायण के लेखक महर्षि वाल्मीकि की जयंती का प्रतीक है।
इस साल वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) के दिन बेहद शुभ संयोग बन रहा है। चूंकि इस साल शनि जयंती भी इसी दिन पड़ रही है। इसके अलावा शनि के कुंभ राशि में होने से शश महापुरुष योग का निर्माण हो रहा है।
सनातन धर्म में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण का देवता माना जाता है। इंजीनियरिंग और कला के देवता भगवान विश्वकर्मा जयंती...
विवाह पंचमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है जो भगवान राम और सीता के दिव्य विवाह का जश्न है, जैसा कि महाकाव्य रामायण में वर्णित है।




