सूर्याेदय से निशिथ काल पर्यन्त अष्टमी तिथि के होने से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत वैष्णवों और स्मार्तों सभी के लिए एक...
वेदों के साथ ऋषि-मुनि भी करते थे सूर्य की आराधना
सूर्य सर्वभूत स्वरूप परमात्मा है। ये ही भगवान् भास्कर, ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र बनकर जगत् का सृजन, पालन और संहार...
वाराणसी (Varanasi) में काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) के अलावा मां दुर्गा (Maa Durga) का भी एक दिव्य और पुरातन मंदिर भी है। लाल पत्थरों से बने इस मंदिर में माता के कई स्वरूपों का दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है। इसकी भव्यता ऐसी है कि कहा जाता है कि मंदिर परिसर में जाने वाले भक्त मां की प्रतिमा को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। मंदिर में एक अलग तरह की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह महसूस होता है।
1. एक मुख्य आचार्य व चार सहायक आचार्य होने चाहिए। क्योंकि मुख्य आचार्य स्वयं व्यास स्वरूप है तो सहायक चार...
शास्त्रों में प्रथम पूज्य भगवान गणेश जी (Ganesh ji) की पूजा बुधवार करने का विधान है। वैसे तो भगवान गणेश...
Bilai Mata Mandir: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी (Dhamtari) जिले में स्थित बिलाई माता मंदिर (Bilai Mata Mandir) जिसे विंध्यवासिनी मंदिर...
Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि (शाब्दिक अर्थ “शिव की महान रात”) हिंदू धर्म के सबसे गहरे और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली...
हर मनुष्य के लिए आश्चर्य का विषय है कि जगन्नाथ पुरी (Jagannath Puri) के मंदिर में भगवान कृष्ण के साथ राधा क्यों नहीं हैं और दूसरा, तीनों भाई बहन की आंखें इतनी फैली हुई क्यों हैं? इस विषय में एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा इस प्रकार है।
झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) से 150 किमी दूरी इटखोरी (Itkhori) मेें सनातन, बौद्ध और जैन धर्म का समागम...
सीता नवमी (Sita Navami) एक हिंदू त्योहार है जिसे सीता की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह वैशाख के हिंदू महीने के नौवें दिन (नवमी) को मनाया जाता है
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को महापर्व छठ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्यदेव की...






