तमिलनाडु के मदुरै में भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) को समर्पित अनोखा कूडल अझगर मंदिर (Koodal Azhagar Mandir) है। आठ हिस्सों में बने हुए इस मंदिर का शिखर ऐसा है, जिसकी परछाई धरती पर नहीं पड़ती। इस मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है। यह मूर्ति देखने में बहुत ही दिव्य और भव्य लगती है।
संभवत: कम ही लोगों को यह जानकारी होगी कि हनुमानजी के कितने भाई थे। उनमें से भी सगे भाई कितने...
हालांकि माता वैष्णो देवी (Mata Vaishno Devi) के मंदिर की यात्रा साल भर चलने वाली यात्रा है, लेकिन नवरात्रि (Navratri)...
जो भी वस्तु इस बरमूडा त्रिभुज के पास जाता है, उसका नामोनिशान तक नहीं मिलता। वहीं, माना जाता है कि इस रहस्यमय बरमूडा त्रिभुज का संबंध भगवान हनुमान जी (Hanuman ji) के साथ है।
पुराणों में माता लक्ष्मी (Mata Laxmi) की उत्पत्ति के बारे में विरोधाभास पाया जाता है। एक कथा के अनुसार माता लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान निकले रत्नों के साथ हुई थी, लेकिन दूसरी कथा के अनुसार वे भृगु ऋषि की बेटी हैं।
हनुमान जी (Hanuman ji) कलयुग के देवता (Kalyug ke Devta) है, इसलिए सबसे ज्यादा भक्त उनके ही हैं। संकट मोचन हनुमान (Sankat Mochan Hanuman) अपने भक्तों के सारे कष्ट हर लेते हैं और उन्हें बल, बुद्धि, यश का वरदान देते हैं। सभी जानते हैं कि हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा जाता है, लेकिन हनुमान जी की शादी हुई थी। उसके बाद भी उन्हें ब्रह्मचारी कहा जाता है। ऐसा क्यों?
हिंदू धर्म में सूर्य की उपासना अति शीघ्र फल देने वाली मानी जाती है। रविवार के दिन सूर्यदेव (Surya Dev) की पूजा के लिए करने के लिए प्रातः जल्द सोकर उठें। जब सूर्य उदय हो तब सूर्य देव को प्रणाम करें और 'ॐ सूर्याय नमः' या 'ॐ घृणि सूर्याय नम:' कहकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दिवाली के आरंभ का प्रतीक है - पाँच दिवसीय प्रकाश पर्व। यह कार्तिक (अक्टूबर-नवंबर) माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है।
नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जिसे पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। भक्त उनसे अपने बच्चों की भलाई और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि वह अपने भक्तों को ज्ञान, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
आज 4 जुलाई मंगलवार से श्रावण मास (Sawan Maas) आरंभ हो रहा है। श्रावण मास का समापन 31 अगस्त गुरुवार श्रावण पूर्णिमा को होगा। इस बार श्रावण मास अधिकमास होने के कारण 59 दिन का है। इस बार श्रावण मास में 8 सोमवार होंगे। यह दुर्लभ संयोग 19 वर्ष पूर्व सन 2004 में श्रावण मास में हुआ था।
उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले के गांव वाण में एक बेहद ही अद्भुत ‘लाटू देवता मंदिर’ (Latu Devta Mandir) है।
कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami), जिसे कृष्णाष्टमी, गोकुलाष्टमी, अष्टमी रोहिणी और श्रीकृष्ण जयंती भी कहा जाता है। इस साल जन्माष्टमी सोमवार, 26 अगस्त को मनाई जाएगी।









