कर्मों के न्यायाधीश भगवान शनिदेव कई अन्य वजहों से भी अदभुत देवता के रूप में पूजनीय हैं। इसी सन्दर्भ में...
रात में यहां वो नजारा दिखता है, जिसे देखकर किसी भी इंसान की रूह कांप जाएगी। स्थानीय लोग इसे भूतों वाला मंदिर भी कहते हैं।
सुंदरकांड (Sunderkand) में हनुमानजी (hanumanji) सीता की खोज में समुद्र पार कर रहे थे तब सुरसा और सिंहिका नाम की...
गणेश जी की शर्त थी कि महर्षि एक क्षण के लिए भी कथावाचन में विश्राम ना लेंगे। यदि वे एक क्षण भी रूके, तो गणेश जी वहीं लिखना छोड़ देंगे। महर्षि ने उनकी बात मान ली और साथ में अपनी भी एक शर्त रख दी कि गणेश जी बिना समझे कुछ ना लिखेंगे। हर पंक्ति लिखने से पहले उन्हें उसका मर्म समझना होगा। गणेश जी ने उनकी बात मान ली।
Nirjala Ekadashi 2022: इस साल निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) को लेकर काफी भ्रम की स्थिति है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, व्रत...
सूर्यपुत्र शनिदेव (Shanidev) अपने आराध्य भगवान विष्णु कहते हैं मैं गुरुओं का भी गुरु हूं और योद्धाओं का भी योद्धा...
यदि आपको सूर्य देव (Surya Dev) के दर्शन न हो तो रोज की तरह पूर्व दिशा में मुँह करके किसी...
वेद-पुराणों में ब्रज की 84 कोस (Brij 84 Kos) की परिक्रमा का बहुत महत्व है, ब्रज भूमि भगवान श्रीकृष्ण एवं उनकी शक्ति राधा रानी की लीला भूमि है। इस परिक्रमा के बारे में वारह पुराण में बताया गया है कि पृथ्वी पर 66 अरब तीर्थ हैं और वे सभी चातुर्मास में ब्रज में आकर निवास करते हैं।
हनुमान (हनुमान्, आंजनेय और मारुति) परमेश्वर की भक्ति की सबसे लोकप्रिय अवधारणाओं और भारतीय महाकाव्य रामायण में सबसे महत्वपूर्ण पात्रों...
आज जानिए छत्तीसगढ़ के चमत्कारिक राजीव लोचन मंदिर (Rajiv Lochan Mandir) के बारे में। यह मंदिर चतुर्थाकार में बनाया गया...
राजस्थान के महालक्ष्मी मंदिर (Mahalaxmi Mandir) में एक अनूठा चमत्कार का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है...
सृष्टि के प्रारम्भ में ब्रह्मा जी के मुख से 'ऊँ' प्रकट हुआ था, वही सूर्य का प्रारम्भिक सूक्ष्म स्वरूप था। इसके बाद भूः भुव तथा स्व शब्द उत्पन्न हुए। ये तीनों शब्द पिंड रूप में 'ऊँ' में विलीन हए तो सूर्य को स्थूल रूप मिला। सृष्टि के प्रारम्भ में उत्पन्न होने से इसका नाम आदित्य पड़ा।
