कलयुग के प्रमुख देवताओं में से एक बजरंगबली (Bajrangbali) को चिरंजवी माना जाता है। अर्थात वे अजर-अमर हैं। हनुमान जी...
‘श्री सुदर्शन-चक्र’ भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) जी का प्रमुख आयुध है, जिसके माहात्म्य की कथाएँ पुराणों में स्थान-स्थान पर दिखाई...
नीम करौरी बाबा के भक्त देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हैं। नीम करौरी महाराज को हनुमान जी का अवतार भी कहा जाता है। बाबा के कई चमत्कारी किस्से लोगों को उनके दर्शन करने पर मजबूर कर देते हैं।
तुंगनाथ मंदिर (Tungnath Mandir) दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर है और यह मंदिर उत्तराखंड (Uttarakhand) के रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) जिले में...
हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मन्थन के बाद जब धन्वंतरी अमृत के लिए झगड़ रहे देव-दानवों से बचाकर अमृत ले जा रहे थे तो पृथ्वी पर अमृत की कुछ बूँदें गिर गई और वे स्थान धार्मिक महत्व वाले स्थान बन गए। अमृत की बूँदे हरिद्वार में भी गिरी और जहाँ पर वे गिरी थीं वह स्थान हर की पौड़ी था। यहाँ पर स्नान करना हरिद्वार आए हर श्रद्धालु की सबसे प्रबल इच्छा होती है क्योंकि यह माना जाता है कि यहाँ पर स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
शिंगणापुर तीर्थ की गाथा बहुत ही दिलचस्प है। शनि शिंगणापुर गांव के चारों ओर पर्वतमालाएं हैं। यहां गांव के लोग अपने घरों में ताला नहीं लगाते। घरों, दुकानों पर दरवाजे वगैरह नहीं हैं। कहते हैं कि यदि कोई चोरी की नीयत से किसी का सामान छूता भी है तो शनिदेव उसको अपने ढंग से दंडित कर देते हैं। दरवाजे और चौखट न होने के बावजूद चोरी न होने को यहां के लोग शनिदेव की कृपा मानते हैं।
बेतिया में राज देवड़ी से पूरब वाले प्राचीन द्वार से निकलते ही एक ओर भगवान गणेश और दूसरी ओर भगवान हनुमान के दर्शन होते हैं। हम आपको बताते हैं इन प्रतिमाओं का महत्व क्या है? इनका इतिहास क्या है?
झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची (Ranchi) से 150 किमी दूरी इटखोरी (Itkhori) मेें सनातन, बौद्ध और जैन धर्म का समागम...
कैलाश मानसरोवर वर्तमान तिब्बत में स्थित है और माना जाता है कि यह भगवान शिव का निवास स्थान है। इसलिए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि यह विशेष रूप से भारत के लोगों के लिए एक पसंदीदा तीर्थ स्थल है।
राजस्थान के सवाई माधौपुर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर रणथंभौर के किले में बना यह गणेश मंदिर की स्थापना
जनकपुर जाते समय श्रीराम ने विश्वामित्र से पूछा-गुरुवार ! आप जिसके स्वयंवर में जा रहे हैं वह सीता (Sita) कौन...
शास्त्रों में सूर्य को प्रत्यक्ष देव माना जाता है। जिनके दर्शन हर कोई कर सकता है। सूर्य के बिना पृथ्वी...
