गुरु प्राप्ति के लिए तीव्र मुमुक्षुत्व या तीव्र लालसा, तडप इन गुणों में से एक के कारण गुरु प्राप्ति जल्दी...
शिवपुराण (Shivpuran) के अनुसार, एक बार एक महादैत्य हुआ जिसका नाम था तारकासुर। इन दैत्य के तीन पुत्र हुए जिनके नाम तारकाक्ष, कमलाक्ष व विद्युन्माली था। शिव के पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर दिया।
भगवान श्रीगणेश (ShriGanesh) को विघ्नहर्ता (Vighnaharta), मंगलमूर्ति (Mangalmurti), लंबोदर (Lambodar) व्रकतुंड (Vakratunda) आदि कई विचित्र नामों से पुकारा जाता है। जितने विचित्र इनके नाम हैं उतनी विचित्र इनसे जुड़ी कथाएं भी हैं। अनेक धर्म ग्रंथों में भगवान श्रीगणेश की कथाओं का वर्णन मिलता है। भगवान श्रीगणेश से जुड़ी कुछ जग प्रसिद्ध कथाएं यहां प्रस्तुत है।
श्रीराम अवतार के समय हनुमान जी को स्वयं भगवान श्रीराम ने अमर होने का आशीर्वाद दिया था। इसी कारण हनुमानजी का प्रताप चारों युगों में रहा है और आगे भी रहेगा, क्योंकि वे अजर-अमर हैं। अंजनी सुत जब तक चाहें शरीर में रहकर इस धरती पर मौजूद रह सकते हैं।
जीवात्मा के पूर्वजन्मों कृत कर्म और संस्कार ही प्रारब्ध बनकर अगले जन्म में सुख-दुख के स्वरूप मे...
पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना तो सभी लोग करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ भी करते हैं, पर यह...
धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है, मंगलवार, 29 अक्टूबर को पाँच दिवसीय दिवाली उत्सव की शुरुआत करेगा।
चैत्र नवरात्रि को वसंत नवरात्रि के रूप में भी जाना जाता है जो सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है...
सनातन संस्कृति के अनुसार कलयुग के एक मात्र दिखने वाले देवता सूर्य देव (Surya Dev) ही हैं। सूर्य देव को आरोग्य का कारक भी माना जाता है। सूर्य ब्रह्मण्ड की केंद्रीय शक्ति हैं। यह सम्पूर्ण सृष्टि का गतिदाता हैं।
श्री हनुमान जी को चोला चढाने से साधक को श्री हनुमान जी कृपा प्राप्त होती हैं ! ऐसा करने से...
अहोई अष्टमी एक हिंदू त्योहार है जो माताओं द्वारा अपने बच्चों के लिए मनाया जाता है। यह करवा चौथ के...
उत्तराखंड (Uttarakhand) पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिला से करीब 90 किलोमीटर दूर गंगोलीहाट के भुवनेश्वर गांव में पाताल भुवनेश्वर गुफा (Patal Bhubaneswar Cave) स्थित है। यह गुफा समुद्र तल से 1350 किलोमीटर की ऊंचाई पर है। यह गुफा किसी आश्चर्य से कम नहीं है। यह प्रवेश द्वार से 160 मीटर लंबी और 90 फीट गहरी है।


