विनायक, गणेश जी का सबसे लोकप्रिय रूप है। गणेश जी (Ganesh ji) जिन प्रतिमाओं की सूड़ दाईं तरह मुड़ी होती है, वे सिद्घपीठ से जुड़ी होती हैं और उनके मंदिर सिद्घिविनायक मंदिर कहलाते हैं। मान्यता है कि ऐसे गणपति बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं और उतनी ही जल्दी कुपित भी होते हैं।
कर्नाटक के उडुपी के हतियनगडी में आठवीं सदी का एतिहासिक श्री सिद्धि विनायक मंदिर (Siddhi Vinayak Temple) है। यह मंदिर कुंदापुर तालुक में बरहा नदी के पास स्थित है। यह ऐतिहासिक जगह देश-दुनिया भर के हिंदुओं के लिये एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है।
आज जानिए छत्तीसगढ़ के चमत्कारिक राजीव लोचन मंदिर (Rajiv Lochan Mandir) के बारे में। यह मंदिर चतुर्थाकार में बनाया गया...
यदि आपको सूर्य देव (Surya Dev) के दर्शन न हो तो रोज की तरह पूर्व दिशा में मुँह करके किसी...
देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों को मनाने वाला त्योहार नवरात्र अब समाप्त होने वाला है। लेकिन इसका समापन दशहरा या...
पुण्य सलिला सरयू नदी के किनारे स्थापित प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर इस बात का द्योतक भी है कि जिस स्थान पर...
उर्मिला के विषय में उसकी निद्रा बड़ी प्रसिद्ध है जिसे "उर्मिला निद्रा" (Urmila Nidra) कहा जाता है। अपने 14 वर्ष के वनवास में लक्ष्मण एक रात्रि के लिए भी नहीं सोये।
अनमोल कुमार जब-जब मनुष्य या देवताओं पर किसी तरह का संकट आया तब-तब भगवान विष्णु अवतार लेकर रक्षा की है।...
संकटकालीन परिस्थिति के परिप्रेक्ष्य में हिन्दू धर्मशास्त्र में बताया हुआ विकल्प है ‘आपद्धर्म’!: ‘आजकल पूरे विश्व में कोरोना महामारी के...
Chaitra Navratri 2022: चैत्र नवरात्र शनिवार यानि कल से शुरू होने जा रहे हैं. कल चैत्र नवरात्रि का पहला दिन...
देवो के देव महादेव (Mahadev) भगवान शिव और सती का अद्भुत प्रेम शास्त्रों में वर्णित है। इसका प्रमाण है सती के यज्ञ कुण्ड में कूदकर आत्मदाह करना और सती के शव को उठाए क्रोधित शिव का तांडव करना। हालांकि यह भी शिव की लीला थी क्योंकि इस बहाने शिव 51 शक्ति पीठों की स्थापना करना चाहते थे।
इस साल श्रावण का महीना बहुत खास होने वाला है। इस बार शिव जी को प्रसन्न करने के लिए पूरे दो माह का समय होगा। अधिक मास की वजह से इस बार सावन 4 जुलाई से 31 अगस्त तक रहेगा।




